मैकाले भारत में अश्पृशयों के लिए भगवान बनकर आये..
🌹 *मैकाले जयंती* 🌹 ×××××××××××××××××××××××××× मैकाले से पहले हजारों वर्षों से इस देश में ब्राह्मण द्वारा किए जाने वाले बड़े से बड़े अपराध के लिए कोई विशेष दंड नहीं होता था। इस देश में हजारों वर्षों तक हत्या को भी मोक्ष तथा हत्यारे को मारे गए व्यक्ति का मोक्ष करने वाला ही कहा जाता रहा। अर्थात अपराध की व्याख्या अपराध की प्रकृति से नहीं होकर अपराधी की जाति से की जाती थी। नंदकुमार देव समृद्ध बंगाली ब्राह्मण को कंपनी लॉ (ईस्ट इंडिया कंम्पनी) के अंतर्गत 06 मई 1775 को भारत में सर्वप्रथम फांसी तत्कालीन कलकत्ता सुप्रीम कोर्ट (रेग्युलेटिगं ऐक्ट 1773 के तहत 1774 में स्थापित) के प्रथम मुख्य नायाधीश सर एलिजा इम्पे द्वारा तत्कालीन बंगाल के प्रथम गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग्स द्वारा लगाए गए जालसाजी के आरोप में दी गई थी। जनरल और न्यायाधीश दोनों घनिष्ठ मित्र थे। ब्राह्मण नंदकुमार को फांसी दिए जाने के बाद भारत और इंग्लैंड में जबरदस्त बहस छिड़ी कि भारतीय व्यक्ति को कम्पनी लॉ के तहत एवं जालसाजी जैसे सिविल मैटर के लिए फांसी नहीं दी जा सकती। ऐसी ही विभिन्न प्रतिक्रियाओं और विरोध के फलस्वरूप भारत में कानूनी...