आर्य वेद और ईरानी सभ्यता.
#आर्य_वेद_और_ईरानी_सभ्यता """"""""""""""""""" दरअसल आर्य शब्द का अर्थ श्रेष्ठता का सूचक है आर्य येपेत वंशजी हैं. चालाकी से बाद में इसे निवर्तमान में इसे कर्म आधारित पदवी बताया जाता है. आर्य नूह पुत्र येपेत के वंशज हैं. ये बड़े शूरवीर, ज्योतिष विद्या के धनी जिज्ञासु और प्रकृति के करीब रहकर प्राकृतिक घटनाओं, खगोलीय घटनाओं की पड़ताल करनेवाले बड़े जुझारू प्रवृत्तियों के लोग थे. उत्तम किस्म के घोड़े और खच्चर पालना इनका व्यवसाय हुआ करता था.इनकी कद काठी बड़ी डील डौल और रंग गेहुंआ होता था.इनका संबंध मादियों(medos) फारसियों, यूनानियों से था. खोजी प्रवृत्ति के होने के कारण ये जलमार्गों की खोज कर नए नए द्वीपों में सपरिवार जाकर जंगलों की सफाई कर पशुपालन के लिए बस जाते थे. वास्कोडिगामा, सिकंदर महान और तमाम यूनानी दार्शनिक गलीलियो आदि येपेत के वंशज ही थे. ये एकेश्वरवादी मूर्ति और प्रकृति पूजा के खिलाफ थे.यहूदी शास्त्रों की प्रार्थनाओं को अपने आध्यात्म में इस्तेमाल करते थे. बाद में इन्हीं प्रार्थ...