न्यू एकोनॉमिक ऑर्डर भविष्य वाणी बाईबल की....
☠विनाश का पुत्र⚛
कड़ी:43
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अंतिम दिनों की पांचवीं बड़ी निशानी या लक्षण "धन संचय'"है।आईए हम इस विषय पर बाईबल के हवाले से गौर करें...
आज हम देख रहे हैं लोगों में धन जोड़ने की होड़ सी मची है. बेशर्मी से खुलेआम अनैतिक तौर से धन बटोरा जा रहा है. अखबारों, न्यूज चैनलों में आये दिन भ्रष्टाचार, कमीशन खोरी के खबर आते ही रहते हैं. भ्रष्टाचार निचले स्तर से ऊपर तक इतना व्यापक है कि टेबल के नीचे का लेन देन,रिश्वत हक जैसा आवश्यक हो गया है. भ्रष्टाचार रोकने के लिए नीतियां तो बनती हैं लेकिन इन्हीं नीतियों को ठेंगा दिखा कर अनाप शनाप कमाई करनेवाले जुगाड़ लगा ही लेते हैं. अरबपतियों और करोड़पतियों की सूचियों में बेहताशा वृद्धि होती जा रही है.
आज यह समझने की आवश्यकता है कि क्यों धन बटोरना इतना व्यापक हो गया है. बाईबल बताती है यह अंत के दिनों की निशानी है. धन पर भरोसा, सांसारिक भौतिक सुखों की वस्तुओं पर मन लगाना, विलासिता का जीवन एक दिन लोगों की आत्मिक और शारिरिक दोनों जीवनों में क्षति का कारण होगा.
(याकूब 5:1-3)
"हे धनवानों सुन तो लो; तुम अपने आने वाले क्लेशों पर चिल्ला-चिल्लाकर रोओ।
तुम्हारा धन बिगड़ गया और तुम्हारे वस्त्रों को कीड़े खा गए।
तुम्हारे सोने-चान्दी में काई लग गई है; और वह काई तुम पर गवाही देगी, और आग की नाईं तुम्हारा मांस खा जाएगी: तुम ने अन्तिम युग में धन बटोरा है।"
बाईबल विलासिता और भौतिक सुख के साधनों को "अधर्म का धन"बताती है. परमेश्वर की ओर पीठ कर धन कमाने की होड़ मची है. अंतिम दिन करीब है, धनवान चिल्लाकर अपने धन के बिगड़ जाने पर छाती पीटकर रोयेंगे.बाईबल की भविष्यवाणी है बहुमूल्य धातु सोना,चांदी, डायमंड, मणि संपत्ति का पर्याय नहीं रहेंगे. बैंक और लॉकरों रखे धन और बहुमूल्य आभूषण अपना मूल्य खो देंगे. जायदाद का घमंड करनेवाले सडकों पर होंगे.
सारा विश्व पिछले कुछ वर्षों से आर्थिक मंदी झेल रहा है. यही मंदी भविष्य में राजनैतिक आस्थिरता, विद्रोह, नौकरी की समस्या,मंहगाई और युद्ध को न्यौता देगी. वैश्विक अपरोक्ष (गुप्त)संस्थायें "#न्यू इकानामिक आर्डर"लाने पर काम कर रही है. यह संस्था विशाल आर्थिक साम्राज्य के स्वामियों,विकसित और विकास शील राष्ट्रों के प्रमुखों को विश्वास में लेकर वर्तमान धन के चलन को समाप्त कर E.F.T(Electronic fund transfer)को लागू करने के प्रयास कर रही है. कुछेक देशों में प्रारंभिक प्रयोग नोटबंदी के रूप में हो चुके हैं.EFT धन का नया रूप है जो धन होते हुए भी कुछ नहीं है.EFTन तो पेपर मनी है न प्लास्टिक मनी है.यह धन बैंक में जमा सिर्फ़ एक आंकड़ा होगा.
अंतरराष्ट्रीय बैंकों के स्वामी(चीफ) रोथ्स्चाइल्ड, वारबर्ग, राकफेलर जैसे प्रभावशाली लोग इल्यूमिनाति की अनेक गुप्त शाखाओं के सदस्य हैं. इनकी नीतियां संपूर्ण विश्व की आर्थिक तंत्र को प्रभावित कर सकती हैं. संसार का सारा धन,पेट्रोलियम उत्पादों का पैसा, ब्लैक मनी, स्विस अकाउंट,अंतरराष्ट्रीय बड़े लोन की राशियाँ, विशाल कंस्ट्रक्शन पर लगा पैसा इन्हीं के अधिकार क्षेत्र में होता है.
प्रकाशित वा.13 में एन्टिक्राईस्ट की नई आर्थिक प्रणाली का जिक्र है. नई पहचान के लिए विश्वव्यापी(666)आंकड़े जारी होंगे.माथे या दाहिने हथेली पर छाप होगा. यही लोगों की विशिष्ट पहचान होगी. लेन देन,खरीद फरोख्त वीजा, पासपोर्ट यही होगा।
इस योजना के लागू होते ही संचित धन, सोना, बहुमूल्य धातु, नगद सब व्यर्थ हो जायेगा. यही भविष्वाणियाँ हैं वर्तमान में क्रेडिट कार्ड, प्लास्टिक मनी नगद राशि की उपयोगिता धीरे धीरे समाप्त कर रहे हैं. भारत का आधार कार्ड, पेन कार्ड,ऑनलाइन शॉपिंग, ट्रांसफर आदि इसी दिशा में प्राथमिक कदम हैं.....
जागते रहो..
याकूब 5:5,8
[5]तुम पृथ्वी पर भोग-विलास में लगे रहे और बड़ा ही सुख भोगा; तुम ने इस वध के दिन के लिये अपने हृदय का पालन-पोषण करके मोटा ताजा किया।
[8]तुम भी धीरज धरो, और अपने हृदय को दृढ़ करो, क्योंकि प्रभु का शुभागमन निकट है।
क्रमशः.....
12/10/2018
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