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प्यास●●●
अगर मैं फिर से कहूँ...
प्यास न हो तो कोई पानी क्यूँ पिये?धर्म की प्यास न हो तो नेकी,ईमान धर्म छोड़ दीजिए. अभी नेकी ईमान का वक्त नहीं आया है, अभी जायदाद जोड़ लीजिए, मकान के ऊपर मकान खड़ी कर लीजिए और जलसे, और मजे कर लीजिए.
...क्या साथ जायेगा आपके साथ?आपके बटोरे जायदाद?क्या अपने?क्या बेगाने?जिंदगी तो चार दिन की है..सोचिए आगे फिर क्या होगा...अभी जितनी आग लगानी है लगा लीजिए आग पानी में. एक दिन ऐसा वक्त भी आयेगा कि इंसान खून की आँसू रोयेगा. ऐ इंसा संभल..... जरा सी दौलत क्या जोड़ लिया तू मगरूर बन बैठा है. अकड़ कर चलने वाले याद रख एक दिन तू सहारा ढूंढता फिरेगा.
अभी थोड़ा और भटक लीजिए, अभी थोड़ा और दु:ख पा लें.अभी दु:ख को और मांजने दें.अभी दु:ख आपको और निखारेगा. कौन सी जल्दी पड़ी है आपको?अभी तो खेलने, खाने,पीने, कमाने के दिन पड़े हैं. जल्दबाजी क्या है!!?
अभी बाजार में रहें,अभी परमेश्वर की तरफ पीठ रखिये. क्योंकि जब तक आप थकेंगे नहीं, बोझ से लदेंगे नहीं. क्या जरूरत है कि आप परमेश्वर की ओर फिरें??
लेकिन यह भी याद रखें परमेश्वर आज आपको बाहें फैलाये पुकार रहा है"ऐ बोझ से थके मांदे लोगो मेरे पास आओ मैं तुम्हें आराम दूंगा"लेकिन उसकी पुकार आपके कानों तक कहाँ आती है. दुनिया की शोर जो है बाजार में.....
जान लीजिए कि सब व्यर्थ है. उस दिन आप बाजार में खुद को अकेला पाओगे, बीमारियों, चिंताओं से घिरे होओगे आप.आपने जो धन जोड़ा है, जो मान कमाई है. साथ न देगा...अभी जब समय है, वचन आपके साथ है. वचन आपके हृदय द्वार पर दस्तक देता है.
अपनी प्यास परख लीजिए, आप अपनी परीक्षा कर लीजिए. अभी तक की परीक्षाएं काफी हैं. प्यास को जानिये. यहाँ प्यास बुझाओगे फिर से प्यासे होओगे. एक सोता है ...जहाँ की पियोगे फिर प्यासे न होओगे...लिखा है"यदि कोई प्यासा हो तो मेरे पास आकर पिये""
"धन्य हैं वे जो धर्म के भूखे और प्यासे हैं क्योंकि वे तृप्त किये जायेंगे"
"जो कोई यह जल पियेगा वह फिर प्यासा न होगा"
उम्मीद है आप अपनी प्यास पहचान लेंगे, अगर प्यास है तो आप सोते खोज लेंगे. प्यासा मरूभूमि में भी पानी ढूंढ निकालता है।।
आपका भाई
आलोक🙏
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