अहिल्या ही दोषी क्यों??
प्रकरण में दयापंथी अभी तक निरुत्तर हैं..
गौतम ऋषि के शाप के प्रभाव से अहिल्या तीनों लोकों में अदृश्य हो गई..
सा हि गौतमवाक्येन दुर्निरीक्ष्या बभूव ह।
त्रयाणामपि लोकानां यावद्रामस्य दर्शनमागता।।१-४९-१७
यहाँ वाल्मीकि रामायण से ही साबित हो रहा कि गौतम ऋषि थे ना कि चंद्रमा अहिल्या उसकी पत्नी थी.जिससे इंद्र ने व्याविचार किया.
और नारी होने का दण्ड अहिल्या को मिला. इंद्र बच निकले.
इस शाप से भगवान श्रीराम ने उद्धार किया. और अहिल्या ने भगवान राम के चरण स्पर्श किया. पैर धोने के लिए जल दिया.
#पाद्यमर्घ्यं_तथातिथ्यं_चकार_सुसमाहिता।।
दयापंथी
डामेज कंट्रोल की नकाम कोशिश कर रहे हैं.
डामेज कंट्रोल की नकाम कोशिश कर रहे हैं.सत्य स्वीकारें सत्यग्रही बनें.
विष्ठाग्रह त्यागें
#मनुर्भव।।
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