हिंदू भाईयों को भी हूरें मिलती हैं..
सिर्फ मुस्लिमों को ही जन्नत में 72 हूरें नहीं मिलती, स्वर्ग में भी भग्तों को अप्सराएं, देवकन्याएं, देवांगनाएं, सुंदर कन्याएं मिलती हैं।
महाभारत व पुराणों में ऐसी सुंदरियों का जिक्र किया गया है। कुछ उदाहरण महाभारत गीता प्रेस गोरखपुर के अनुशासन पर्व से है :–
🔸जमीन, जायदाद, गांय, बैल, आदि ब्राह्मण को दान देने वाले तथा व्रत करने वाले को जहाज में बैठाकर स्वर्ग में ले जाया जाता है और फिर ऐसे भगत के मनोरंजन के लिए स्वर्ग में विभिन्न व्यवस्थाएं की जाती हैं -
1️⃣ सुंदर वस्त्र आभूषणों से विभूषित सैकड़ों अप्सराएं सेवा में हाजिर रहती हैं ( अध्याय 62 श्लोक 88 )
2️⃣ मनोहर वेश और सुंदर नितंबों वाली ( पिछवाड़े वाली ) हजारों देवांगनाएं उससे रमण करवाती हैं ( रमण का अर्थ गूगल पर देखें ) अध्याय 79 श्लोक 25 )
3️⃣ सुंदर अप्सराएं उसके साथ क्रीड़ा करती हैं।
( अध्याय 81 श्लोक 30 )
4️⃣ 16 वर्ष की सी अवस्था वाली नूतन यौवन वाली तथा मनोहर रूप विलास से सुशोभित देवांगनाएं उसे प्राप्त होती हैं। ( अध्याय 107 श्लोक 38 )
5️⃣ परम सुंदर मधुर भाषिणी दिव्य नारियां उसकी पूजा करती है तथा उससे काम भोग का सेवन करवाती हैं।
( अध्याय 107 श्लोक 76 )
6️⃣ पीन उरोज ( बड़े स्तनों वाली ) वाली रमणियां उसका मनोरंजन करती हैं।
( अध्याय 107 श्लोक 119, 120 )
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