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ईसाइयों_का_परमेश्वर_यहोवा_झूठा_है!!??



कई दुराग्रही दयापंथी यहोवा विरोधी उत्पत्ति के आयतों और पहला राजा22:20-23 को अंडरलाइन कर ऐसे आक्षेप करते हैं. जिसका जवाब हम  कई बार दे चुके हैं....

बाबु अमन कुमार की गुजारिश पर फिर से यह पोस्ट लेकर आना पड़ा...

ईश्वर झूठ क्यों बोला कि इसे खाते ही तुम मर जाओगे?” को देखते हैं: फल को खाने से मर जाने बात उत्पत्ति 2:17 में लिखी गई है। 

इसके लिए YLT का अनुवाद है – “and of the tree of knowledge of good and evil, thou dost not eat of it, for in the day of thine eating of it--dying thou dost die” – मूल इब्रानी भाषा में यह नहीं लिखा है कि “इसे खाते ही तुम मर जाओगे” या “तुम तुरंत ही मर जाओगे।” अंग्रजी भाषा के अन्य अनुवादों में भी यही आया है कि “you will surely die” अर्थात, “तुम निश्चय ही मर जाओगे”, न कि आम धारणा और समझ की बात “you will immediately die” अर्थात “तुम तुरंत ही मर जाओगे।” दोनों में बहुत अन्तर है। Immediately या तुरन्त का अर्थ है ‘उसी समय’; जबकि surely या निश्चय का अर्थ है कि यह अवश्यंभावी है कि तुम मर जाओगे – किन्तु यह कब होगा इसका कोई समय संकेत नहीं दिया गया है, बस यह कहा गया है कि मृत्यु से बच नहीं सकते, तुम पर मृत्यु अवश्य ही आएगी। जो अनुवाद YLT में दिया गया है – “dying thou dost die” उसका अर्थ होता है “तुम मरते, मरते मर जाओगे” अर्थात जिस पल तुम उस फल को खा लोगे उसी पल से तुम्हारा मरना आरंभ हो जाएगा, तुम मरते चले जाओगे और अन्ततः मर जाओगे – क्या मनुष्य जन्म लेते ही इस प्रक्रिया के अन्तर्गत नहीं आ जाता है? बाइबल में यहाँ पर कहीं भी यह नहीं लिखा गया है कि मनुष्य के मरने की यह प्रक्रिया कब और कैसे पूरी होगी। इस संदर्भ में जब हम इससे आगे के विवरण को देखते हैं तो परमेश्वर की कही इस बात को पूरा होते हुए भी देखते हैं – आदम, हव्वा (और फिर उनकी सभी संतानें भी) एक आयु पर आकर मर गए (और मरते चले जा रहे हैं)। परमेश्वर ने कहा ‘तुम निश्चय मर जाओगे’, और निश्चय ही वे मर गए – यहाँ ‘तुरंत’ तो गलत व्याख्या करने या समझाने वालों ने डाला है, परमेश्वर ने नहीं। ऐसे में बगैर तथ्य सत्य और मर्म समझे बगैर परमेश्वर को झूठा बताना जायज नहीं है परमेश्वर की बात को गलत समझ कर उसे झूठा कहना उचित नहीं है?

   परमेश्वर सच्चा है 

वह झूठ नहीं बोल सकता.

आहाब के विषय में हम जानते हैं आहाब कैसा था.आहाब सबसे भ्रष्ट और परमेश्वर विरोधी और बाल उपासक राजा था.यदि परमेश्वर झूठा होता तो मीका नबी के मुँह से सच्ची भविष्यवाणी नहीं होती.





  



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