विनाश का पुत्र(Anti Christ)

#विनाश_का_पुत्र◆◆◆

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विनाश का पुत्र वह है जो मसीह का विरोध, निंदा करता है।उसका आना इस संसार में तय है।इसकी भविष्यवाणी परमेश्वर के खास जन और स्वयं ईसा ने की है.

           आज मसीह विरोधी मुखर हैं. ठट्ठा करने वालों की भरमार है. झूठे शिक्षकों की फौज है जो दिन रात बाईबल की शिक्षाओं के विपरीत भरमा रहे हैं.अंत के दिन अधर्म का नाश करने परमेश्वर हाथ बढ़ायेगा. शैतानी ताकत भी अधर्मियों और ईश विरोधी तत्वों को बल देगा कि वे दुनिया पर राज करें।(प्रका.वाक्य13:2)

      उस समय दुनिया तमाम समस्याओं से जूझ रहा होगा, सारी ब्यवस्था, कानून और प्रशासनिक अमले अराजक हो जायेंगे, अर्थव्यवस्था चरमरा चुकी होगी, आम लोगों का जीना दूभर हो जायेगा, समाज में अशांति, अनैतिकता, अपराध बढ़ जायेंगे, खाद्यान्नों की कमी हो जायेगी, ब्यापार और ब्यवसाय के अवसर कम हो जायेंगे, इंसान के काम मशीनें करेंगी.

ऐसी विषम परिस्थितियों में शक्तिशाली राष्ट्रों के राष्ट्राध्यक्ष भी झल्लाकर कहेंगे"यदि शैतान भी आकर हमें इस विश्वब्यापी समस्याओं से,अराजकता से बचाता है तो वह भी हमें स्वीकार्य होगा"ऐसे ही शब्दों का प्रयोग डॉ हेनरी स्पाक ने किया था, वे यूरोपियन कॉमन मार्केट की प्रारंभिक योजना आयोग के सदस्य रहे थे और नाटो के जनरल सेक्रेटरी थे.आज ताकतवर देशों की सैन्य ताकतें नकारा हुई हैं, गाईडेड मिसाईलें,परमाणु हथियार और आयुद्ध सामग्रियां बेकार हुई हैं. दुनियाभर की तकनीकी उपलब्धियां,दौलतें जिंदगी बचाने में असमर्थ हैं तो यह समझ लेना चाहिए कि वो दिन करीब है. कि अधर्म नाश होंगे...

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    विज्ञापन जगत निरंकुशता की सीमा लांघ चुका है. शैतान का सबसे सरल और धारदार हथियार आरंभ से ही नारी तन,मन रहा है. आज हर प्रोडक्ट, प्रमोशन, समारोह, बार,तकरीबन हर जलसे में नारी तन को विज्ञापन के नाम पर उघाड़ा व इस्तेमाल किया जा रहा है. अश्लीलता इतनी कि परिवार के साथ बैठकर टी.वी भी नहीं देखा जा सकता. ऐसे विज्ञापनों की भरमार है बाजार में. यही विज्ञापन स्त्री को बतौर चीज माल की तरह पेश कर रहा है.फतत:स्त्रियों के प्रति कुत्सित मानसिकता अपराध का सूत्रपात कर रही है.

         स्त्री अपने ऊपर होने वाले अत्याचार के विरुद्ध आवाज उठा रही है परंतु वहीं आधुनिकता के नाम पर  स्त्रीयां तन पर कपड़े कम कर रही हैं. ऐसे ऐसे कपड़े पहनकर सार्वजनिक जगहों पर जा रही हैं जो सभ्य समाज को नहीं फबता.

    बहुत सेNgosस्त्री अधिकारों की बात करके उन्हें गुमराह कर रहे हैं, उन्हें अधिकार दिलाने की दिलचस्पी दिखाकर बेड़ागर्क ही कर रहे हैं. परंतु मूल आवश्यकता स्त्रियों की सुरक्षा का है और यह सुरक्षा स्वच्छंद जीने, पहनने ओढ़ने से नहीं परिवार के साथ, जीवन साथी के साथ और बच्चों के सुखमय  जीने में है. बिना स्त्री के परिवार और समाज की कल्पना बेईमानी है बशर्ते स्त्रियां अपनी हया न त्यागें.ईश्वर ने उनकी सृष्टि पुरूष के बाजू में खड़े रहने के लिए की है उनके साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए नहीं. बेशक उनके हक बराबर हैं लेकिन वे हयाओं के दायरे में रहकर अपने अधिकारों का इस्तेमाल करें.

       आज तमाम गुप्त संस्थायें स्त्री पुरूष के पाक और धार्मिक संबंधों को तोड़ने में लगी है और वे कुछ हद तक अपनी योजनाओं में सफल भी हैं. इसी का परिणाम है समाज में अपराधों में इजाफा है और असमाजिक अस्थिरता है.धूर्त असमाजिक तत्व कानून की कमजोर नब्ज टटोलकर कानून व्यवस्था को पंगु किये हुए हैं.......

           सावधान रैप्चर के दिन सामने है.दस कुँवारियों से सबक लेने का दिन है..

कयामत के दिनों की शुरुआत में दस चिन्ह प्रकट होंगे उन चिन्हों में से दूसरा यह है. जिसका जिक्र बाईबल में है.

2:"#धर्म का त्याग:-वर्तमान में संसार विनाश की ओर तेजी से बढ़ रहा है. सभी देश आर्थिक मंदी, बेरोजगारी, राजनैतिक अस्थिरता और पड़ोसी देशों के बीच कड़वाहट और गुटबाजी बढ़ रही है. देश की नागरिकों में असंतोष और धर्म के प्रति अनास्था और उदासीनता बढ़ती जा रही है.

           वर्तमान में स्कूली शिक्षा में नैतिक शिक्षा को उतनी तवज्जो नहीं दी जा रही है जितनी मिलनी चाहिए. आज का युवा इंटरनेट, फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप,वीडियो गेम और लेपटॉप मोबाइल में,गंदे साईट्स पर अपना अधिकतर समय खर्च रहा है. वर्चुअल दुनिया में खोया आज का युवा वास्तविक दुनिया से कटा कटा सा रहने लगा है. युवाओं को चाहिए था कि अपना समय जिस रचनात्मक कार्यों में लगाये लेकिन अफसोस इन गैजेटों का दुर्पयोग अपराध,फ्रोड, हैकिंग और सेक्स स्कैंडल के लिए हो रहा है.

        वर्तमान समय में संयुक्त परिवारों का टूटना, बुजुर्गों और अभिभावकों के प्रति युवाओं का असम्मान, माद पदार्थों का बढ़ता चलन,युवाओं का स्वच्छंद सेक्स और समलैंगिकता की ओर तेजी से बढ़ता कदम,लीव इन रिलेशनशिप, लिस्बन समाज, ट्रांसजेंडर, पोर्नोग्राफी साहित्य इन सबका सबसे बड़ा कारण धर्म का त्याग और धर्म के प्रति उदासीनता ही है.

          यहाँ बाईबल के इस कलाम पर गौर करें

"किसी रीति से किसी के धोखे में न आना क्योंकि वह दिन न आएगा, जब तक धर्म का त्याग न हो ले, और वह पाप का पुरूष अर्थात विनाश का पुत्र प्रगट न हो।"(2थिस्स.2:2-3)

#वो_मसीह ईसा तेरी_वकालत_करेगा●●●

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         वो जल्द अनुग्रह के सिंहासन पर से उतर कर न्याय के सिंहासन पर बैठेगा.

ऐ मसीहियों संभल जाओ कयामत आने वाली है...

 तुम कब तक गफलतों में अपने हिसाब से यूं कीमती जिंदगी खपाते रहोगे?

जागो●●● 🔊🔉🔈

तुरही 📯🎶🎶🎶 और ललकार अब सामने है.

तुम्हारे पुरखाओं ने जो पहला गुनाह किया और मृत्यु की मजदूरी पाई.और आत्मिक मृतक होकर परमात्मा के  कनेक्शन से कटकर पहली मौत मरे.अब तुम अपनी दूसरी मृत्यु से पहले धार्मिकता, पवित्रता और नेकी कमाओ कि तुम्हारा नाम जीवन की किताब में ईसा के दूसरे आगमन तक दर्ज होने पाये.

    वरना तुम्हें पछताना होगा और तुम्हारा पछताना काम न आयेगा. ये याद रख्खो कि अभी तुम्हारा पछतावा,मन का फिराव कुंजी होगी सुखलोक की.ईमान लाओ कि यही तुम्हें जन्नत की चाबी मुहैया करायेगी. गुनाहों से तौबा करो क्योंकि तुम्हारे गुनाहों की गठरी का बोझ भारी हो गया है.

    जिसने तुम्हारे एक एक गुनाहों का हिसाब सूली पर चढ़कर, नंगे बदन में कोड़े खाकर, सर पर कांटों का ताज पहनकर, बेहिसाब असहनीय दर्द सहकर चुकाई है वो आज भी अनुग्रह के सिंहासन पर बैठकर तेरी वकालत करने को तैयार है. उसे अपना वकील बना लो,वो तुम्हें हर गुनाहों से बरी करायेगा और किताबों में लिखे तुम्हारे गुनाहों का ब्यौरा मिटा डालेगा जब तक वो अनुग्रह के सिंहासन पर है।

      देर हो चुकी होगी जब वह न्याय के सिंहासन पर बैठा होगा. उस समय तुम्हारा रोना, गिड़गिड़ाना,तुम्हारी तमाम दलीलें काम न आयेगी.....

लिखा है"ऊंचे शब्द से पुकार पुकारकर और आंसू बहा बहाकर उसने जो उसको मृत्यु से बचा सकता था. प्रार्थनाएं और विनती की"(इब्रानियों)'जागते रहो और प्रार्थना करते रहो कि तुम परीक्षा में न पड़ो,आत्मा तो तैयार है परन्तु.....(मत्ती26:40)

     यह तय है कि वो अनुग्रह के सिंहासन से उतर कर एक दिन न्याय के सिंहासन पर अवश्य बैठेगा प्रकाशित वाक्य 20:12

[12]फिर मैं ने छोटे बड़े सब मरे हुओं को सिंहासन के साम्हने खड़े हुए देखा, और पुस्तकें खोली गई; और फिर एक और पुस्तक खोली गई; और फिर एक और पुस्तक खोली गई, अर्थात जीवन की पुस्तक; और जैसे उन पुस्तकों में लिखा हुआ था, उन के कामों के अनुसार मरे हुओं का न्याय किया.. Alok Kujur Panchvedi 

      फिर कभी ईश्वर की मर्जी हुई तो किताब और किताबों के बारे में जरूर रहस्योद्घाटन जरूर करेंगे।

प्रकाशित वाक्य 20:5-6

[5]और जब तक ये हजार वर्ष पूरे न हुए तक तक शेष मरे हुए न जी उठे; यह तो पहिला मृत्कोत्थान है।

[6]धन्य और पवित्र वह है, जो इस पहिले पुनरुत्थान का भागी है, ऐसों पर दूसरी मृत्यु का कुछ भी अधिकार नहीं, पर वे परमेश्वर और मसीह के याजक होंगे, और उसके साथ हजार वर्ष तक राज्य करेंगे।।

      आज इस कलाम की प्रासंगिकता बढ़ी है. बाईबल की हरेक भविष्वाणियाँ पूरी होती आईं हैं. तो आज आप अनुमान कर लें.विनाश के दिन अब कितने दूर हैं. समय बड़े कठिन दौर से गुजरने वाले हैं. आज हमारे पास समय है कि हम खाने पीने और समारोहों में समय जाया न करें. प्रार्थनामय जीवन जियें,कलीसियाओं के लिए दुआ करें, परिवारों के लिए, खुद के लिए, अपने बाल बच्चों के लिए,धर्म अगुओं के लिए दुआ करें. कलिसियाओं को चाहिए कि भटके हुओं को कलिसिया में लायें क्योंकि शैतान युद्ध स्तर पर अपनी तैयारियों में जुटा है और हमारी और आपकी तैयारियों की समीक्षा कौन करे?????



  @lok kujur 21/9/2018

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