मसीह की दुल्हन बदसूरत हो गई..


"इसलिए कि तू गुनगुना है, और न ठण्डा है और न गर्म, मैं तुझे अपने मुँह से उगलने पर हूँ"

प्रकाशितवाक्य 3:16

       आत्मा की यह चेतावनी कलीसियाओं के लिए हैं. रब्बी ईसा ने जिस कलिसिया को अपने लहु से सींचा उस कलीसिया की आज दुर्दशा देख लीजिए. ईसा चाहते थे कि उसकी दुल्हन निष्कलंक, पाक आचरण वाली, झुर्रियां से रहित खूबसूरत और ईश्वर की आज्ञाकारी बनी रहे.

         निस्संदेह लदौकिया की कलीसिया के लिए यह संदेश था.लेकिन अफसोस आज की कलिसियायें उससे भी जरजर और तंग होती जा रही हैं. कलिसियायें अगर विश्वास में पुख्ता हो,शैतानी युक्तियों से बची रहे,निष्कलंक सिद्ध हो तो लिखा है"जो जय पाये, उन सभों के लिए एक ईनाम रखा है"...

     दुर्भाग्य यह है कि कलिसियायें आज सच्ची कसौटी पर खरी नहीं उतरतीं, जहाँ आत्मिकता में बढ़ना चाहिए वहाँ सांसारिकता पैठ जमा रही है. सांसारिकता विनाश के दरवाजे खोलती है जो परमेश्वर की दृष्टि में भी मृतप्राय है. कलीसियाओं में नाम के मसीहियों का जमावड़ा है. मसीह की आत्मा कहती है."मैं तुझे उगलने पर हूँ"...बेस्वाद उगला ही जाता है.

         ईसा की इच्छा विरुद्ध कलिसियायें आज सरगर्म नहीं हैं, कलिसियायें आध्यात्म छोड़ कर सांसारिकता की चकाचौंध और होड़ में लगीं हैं.

         देखते जाईये कलिसियायें लौदीकिया की कलिसिया से भी गईगुजरी हो जायेंगी, उसके पास इतना धन हो जायेगा कि ईसा के आदर्शों को भी भूल जायेंगी. कलिसियाओं के बीच धन का प्रदर्शन होगा, खूबसूरत और कीमती सजावट होंगी, बड़ी बड़ी आत्मिक सभायें आयोजित होंगी परंतु सभाओं में आत्मियता न होगी. कलिसिया में कई कार्यक्रम होंगे, खाना पीना होगा, त्यौहारों में बहुत तैयारियां होंगी परंतु वचन की सेवकाई लोग भूल जायेंगे. कलिसियाई कार्यक्रम मनोरंजन और सामाजिक मेल जोल तक सीमित हो जायेंगे.

        धन इकट्ठे कर बड़े बड़े आराधना घर तो बनेंगे पर सच्चे अराधकों की घटी होगी, विश्वास में कमजोर और आडंबरी मसीहियों से कलिसिया भ्रष्ट होगी, कलिसिया के खजांची बनने की लड़ाई आम होगी, धन का घमंड कलिसिया करेगी. एक कलिसिया दूसरी कलिसया की बुराई करेगी. लिखा है..

" तू जो कहता है, कि मैं धनी हूँ, और धनवान हो गया हूँ, और मुझे किसी वस्तु की घटी नहीं, और यह नहीं जानता, कि तू अभागा और तुच्छ और कंगाल और अंधा, और नंगा है, (होशे 12:8)

प्रकाशितवाक्य 3:17

ईसा ने पतरस से तीन बार पूछा था."क्या तू मुझसे प्रेम करता है?"

पतरस ने तीनों बार कहा था"हां प्रभु मैं तुमसे प्रेम करता हूँ.

  ईसा ने कहा 'मेरे मेम्ने को चरा,मेरी भेड़ों की रखवाली कर"

  कलिसियायें अंत के दिनों में धन और संपत्तियों पर घमंड करेंगी और ईसा के आदर्शों को भूल जायेंगी.

इसलिए मैं तुझे सम्मति देता हूँ, कि आग में ताया हुआ सोना मुझसे मोल ले, कि धनी हो जाए; और श्वेत वस्त्र ले ले कि पहनकर तुझे अपने नंगेपन की लज्जा न हो; और अपनी आँखों में लगाने के लिये सुरमा ले कि तू देखने लगे। देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूँ; यदि कोई मेरा शब्द सुनकर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके पास भीतर आकर उसके साथ भोजन करूँगा, और वह मेरे साथ। जिसके कान हों वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है।”

प्रकाशितवाक्य 3:18, 20, 22

अंत में एक सवाल आपसे.. क्या कलिसियायें विश्वासियों की रखवाली कर पा रही हैं....???

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,@lok18:7:2019

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