नफरत के बदले प्यार..

नफरत_के_बदले_प्यार ❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️

  • *अगर गड्ढे खोदने वालों के लिए गड्ढे खोदे जायें तो धरती गड्ढों से भर जायेगी, कांटे बिछाने वालों के लिए कांटे बिछाये जायें तो धरती कांटों से पट जायेगी....*Published from Blogger Prime Android App

  • *ईसा मसीह उस समय इस धरती पर तशरीफ़ लाये जिस समय छोटी छोटी बातों के लिए घात किया जाता था, जरा सी बात के लिए पत्थर,लठैत, हथियार उठाये जाते थे. एक वाकया याद आता है नगरवधू व्याविचार करते पकड़ी गई. भीड़ उस महिला को ईसा के पास ले आई. परखने के लिए महिला पर पत्थर वाह की मांग करने लगे.ईसा ने कहा"जो निष्पाप हो वही पहला पत्थर चलाये"भीड़ एक एक करके सरकती गई. यहाँ कौन निष्पाप है??लेकिन तौभी हमें दूसरों की खामियां ढूंढने से फुर्सत नहीं. धर्म का दिखावा करके लोग किसे छल रहे हैं?ईसा को यही दिखावा करनेवाले ढोंगी कथित धर्म अगुवे षड्यंत्रों से सूली तक ले आये. लेकिन ईसा ने अपने लिए खुदे गड्ढे को नम्रतापूर्वक पाटने का काम किया, राहों पर बिछे कांटों का ताज अपने सर पर लिया,जलील हुआ पर श्राप नहीं दिया,बर्छे और तलवार के बदले प्यार दिया, दाढ़ी नोची गई और मुंह पर थूका गया. लेकिन हाय और उफ् के बदले माफी दी.*

     *आज हम जिस दौर में हैं हलात् उससे भी बदतर है.खून के बदले खून,आंख के बदले आंख.हर बातों में हमारी भावनायें, आस्थायें आहत होती हैं, सहिष्णुता और भाईचारा शायद चिरनिंद्रा में है. लुचपन,ढोंग, आडंबर, डींग, नफरमानी,बलात्कार,चोरी, छल कपट और जाने क्या क्या यहां घर कर गई हैं.*



  • क्योंकि लिखा भी है अंतिम दिनों में ऐसा होगा
2 तीमुथियुस 3:2-5
[2]क्योंकि मनुष्य अपस्वार्थी, लोभी, डींगमार, अभिमानी, निन्दक, माता-पिता की आज्ञा टालने वाले, कृतघ्न, अपवित्र।
[3]दयारिहत, क्षमारिहत, दोष लगाने वाले, असंयमी, कठोर, भले के बैरी।
[4]विश्वासघाती, ढीठ, घमण्डी, और परमेश्वर के नहीं वरन सुखविलास ही के चाहने वाले होंगे।
[5]वे भक्ति का भेष तो धरेंगे, पर उस की शक्ति को न मानेंगे; ऐसों से परे रहना।

     *आज लोगों के पास दिखावे के अलावा कुछ और नहीं बचा. लोगों पर भरोसा कर पाना आसान नहीं रहा क्योंकि हर इंसान आज छलावे का शिकार हुआ है. यहाँ कौन किस भेष में है नहीं मालूम?नशे की हालत में बाप का बेटी से रेप, चुटकी भर तंबाकू के लिए दोस्त की हत्या, रिश्तों में विश्वास की कमी, पति पत्नी का रार,पारिवारिक कलह,जाति जाति के बीच बैर,पड़ौसी से ईर्ष्या, जाति धर्म की लड़ाई, भगवानों का बंटवारा.....*

       आज के अखबारों की हेडिंग्स देख लीजिए. ये अखबार ऊपर लिखे कलाम की तस्दीक करते हैं. अफसोस कि हमीं ने जन्नत को जहन्नम बनाया है.

*आलोक कुजूर*


Comments

Popular posts from this blog

परमेश्वर झूठ बोलता है. शैतान को बनाने वाला भी वही है.

दयानन्द और गुप्त संस्था Freemason

प्रायश्चित्त करनेवालों ईश्वरीय अनुग्रह होती है.