बाईबल क्या है?
बाइबल एक इतिहास की पुस्तक है.यह मनोविज्ञान आधारित पाठ्य पुस्तक, या एक विज्ञान आधारित लेख नहीं है। बाइबल परमेश्वर के द्वारा अपने विषय में दिया हुआ ऐसा विवरण है कि वह कौन है? और मानवजाति के लिए उसकी क्या योजनाएँ और परियोजनायें हैं। इस प्रकाशन का विशेष भाग यह है कि पाप के कारण इंसान परमेश्वर से अलग कैसे हो गया.. और पाप से इंसान और परमेश्वर के बीच उत्पन्न खाई को पाटने के लिए ईसा मसीह के क्रूस पर बलिदान के द्वारा संगति को पुन: स्थापित करने के समाधान की दास्तान है। गुनाहों से तौबा करने के लिए हमारी आवश्यकता कभी नहीं बदलती है। और न ही परमेश्वर की अपने साथ हमारा मेल करने की इच्छा कभी बदलती है।
बाइबल में बहुत बड़ी मात्रा में शुद्ध और प्रासंगिक जानकारियाँ हैं। बाइबल का सबसे महत्वपूर्ण संदेश #छुटकारे – का है जो कि विश्वव्यापी और चिरस्थाई रूप से मानव जाति के ऊपर लागू होता है। परमेश्वर का वचन कभी भी पुराना या अप्रचलित नहीं होता है, न इसका स्थान कोई और चीज ले सकती है और न ही इसे अधिक उन्नत बनाया जा सकता है। सस्कृतियाँ बदलती है, व्यवस्थाएँ या कानून बदलते हैं, पीढियाँ आती और जाती रहती है, परन्तु परमेश्वर का वचन आज के लिए भी उतना ही प्रासंगिक है जितना कि वह पहली बार लिखे जाने के समय था।

https://www.jw.org/hi/%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A5%80/%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A5%87%E0%A4%82/%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%AC%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%88/
🙏🙏✝✝🙏🙏आलोक
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