सहोत्पन्न भाई बहन के वैवाहिक संबंध तब जायज थे..

आदम हव्वा के संतानों के बीच वैवाहिक संबंध स्थापित हुए!??

परिस्थिति के अनुसार ऐसा होना लाजिमी था.यही तो #यमी बता रही है कि अमैथुनि सृष्टि के बाद भाई बहन संतान प्राप्ति के लिए पति पत्नी हो सकते हैं..

      जब यमी यह बात कह रही है और यह ऋग्वेद में है जिसे सबसे पुरातन ग्रंथ माना जाता है तो यमी के बातों से स्पष्ट है कि यम यमी काण्ड आदम की संतानों के बाद हुआ..??🤔

         प्रभु की अमैथुनी मानससृष्टि में उत्पन्न हुए-हुए प्रभु के अमृत पुत्रों ने इस सहोत्पन्न वैवाहिक संबंधों की कामना की.वे तो इस संबंध को और पत्नी में संतान के आधान को एक मनुष्य के निश्चय से त्याग को समझते हैं. संतान निर्माण के लिए यह वीर्य का दान तो सचमुच महान  त्याग है.

     इसलिए हे #यम!तेरा मन हमारे मन में निहित हो.तू मेरी कामना करनेवाला हो,मुझे पत्नी रुप से चाहनेवाला बन.संतान को जन्म देनेवाला मेरा पति बनकर मेरे शरीर में प्रवेश कर..ऋग्वेद१०/१०/३

       डामेज कंट्रोल करनेवाले रात दिन पति पत्नी बताने लगते हैं. ऐतिहासिक तथ्य सत्य कैसे बदल सकते हैं.!??Published from Blogger Prime Android App

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