पशु का प्रकटन.बाईबल की भविष्यवाणियों को कैसे समझें??
☦विनाश का पुत्र
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Vol:32
पशु का प्रकटन(महाक्लेश काल का पूर्वाद्ध)
आईये कुछ दर्शनों को देखें..'"एक स्त्री जो सूर्य ओढ़े हुए थी,और चांद उसके पाँवों तले था.और उसके सिर पर.......वह गर्भवती हुई और चिल्लाती थी।"(प्र.वाक्य12)
एक पशु समुद्र में से निकला जिसके दस सींग और सात सिर थे. उसके सिरों पर परमेश्वर की निंदा के नाम लिखे थे. यह भयानक पशु समुद्र में से निकला.प्रका.वाक्य के 17वें अध्याय में वर्णित पशु जंगल से निकला. यहाँ जंगल से आशय अधर्म, बुराई और शैतानी हरकतों से है. परमेश्वर की निंदा करनेवाला पशु समुद्र से निकला. समुद्र जाति और राष्ट्र को दर्शाता है. वह पशु छदम वेशी होगा. वह संसार में राष्ट्र और जाति का प्रतिनिधि बनकर प्रकट होगा. समुद्र एक सांकेतिक शब्द है जो राष्ट्र, जाति और विभिन्न भाषा-भाषी के लोगों को इंगित करता है. जबकि जंगल उस बियाबान कंटीले प्रदेश का प्रतीक है जो परमेश्वर की महिमा से रहित प्रदेश(यशा.35)
पशु के दस सींग,सात सिर,भयंकर शारीरिक बनावट चीते के समान, पंजे रीछ के और मुख सिंह के जैसे. इसका विस्तृत खुलासा मैंने पिछली कड़ी में किया है. पशु बड़ी चतुराई से दस राज्यों के तीन तानाशाहों को पराजित कर उनपर अधिकार कर लेगा और बाकी राज्यों से ताकतवर हो जायेगा(दानि.7:8)
..इन दर्शनों से स्पष्ट है पशु तीन राजाओं को गिरा कर दस राज्य पर तानाशाही करेगा. यह यूरोपीय संघ का सातवां राज्य होगा. वह अर्थात विनाश का पुत्र पूरे विश्व पर तानाशाही अस्थिर राज्य स्थापित करेगा. पशु बड़ी चतुराई से विश्व के ताकतवर राष्ट्रों से और विशेषकर इजरायल से सात वर्ष की संधि करेगा परंतु जैसे ही उसे मौका मिलेगा धोखा देकर साढ़े तीन साल में ही शांति संधि तोड़ देगा(दानि.9:27)
"यह स्त्री बैंजनी और लाल कपडों में थी.उसके हाथ में व्याविचार स्वर्ण कटोरा था"प्रका.वा.17
पशु धार्मिकता का नाश करेगा. वह मंदिरों, अराधनालयों, गिरजों के कंगूरों पर खड़े होकर खुद को ईश्वर से बड़ा बतायेगा, ललकारेगा, वचनों को तोड़ मरोड़कर कर पेश करेगा, नैतिक पतन के लिए जुटेगा, (थिस्स2:4)
नोट:कृपया मेरी इस कड़ी को समझने के लिए मत्ती24,प्रकाशित वाक्य11,12,13 और 17 भी पढ़ें.@lok kujur28/08/2018
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