येसू नस्लभेदी था..
#ईसा_मसीह_नस्ल_भेदी_था_ईसा_मसीह_पागल_सनकी_था.
#ईसा_मसीह_काटने_वाला_पागल_कुत्ता_था..
#ईसा_मसीह_शैतान_था.
गोस्पेल ऑफ़ मैथ्यू (15:21-26) एक (गैर-यहूदी)कनानी स्त्री आई को #कुत्ता कहा..
जब ईसा को ये पता चला कि ये महिला गैर-यहूदी है
तो उसने कहा,
कुत्तों के पिल्लों के आगे रोटी डालना ठीक नहीं ।
इससे ईसा के नस्लीय धृणा का पता चलता है
ईसा का प्रेम मात्र अपनी नस्ल के लिये ही था!!
🔥दुराग्रह करनेवाले #दयापंथियों के पास लाख बहाने हैं ईसा को कोसने के....
ईसा को उस समय भी पागल,सनकी और ईशनिंदक कहा गया था.उसके अपने सगे भी सनकी कहते थे.....उनमें से बहुत सारे कहने लगे, “उसमें दुष्टात्मा है, और वह पागल है; उसकी क्यों सुनते हो?” औरों ने कहा, “ये बातें ऐसे मनुष्य की नहीं जिसमें दुष्टात्मा हो। क्या दुष्टात्मा अंधों की आँखें खोल सकती है?”
यूहन्ना 10:20-21
आज भी अंधेरा पसंद लोग ईसा के उस अल्फाज से कि "लड़कों की रोटी कुत्तों के आगे नहीं डाली जाती" इस बयान से उसपर नस्लीय घृणा करने का आक्षेप कर रहे हैं. अंतिम नतीजे या निष्कर्ष पर आने के लिए पूरे अध्याय और संदर्भ समझ लेना चाहिए.
फिर ईसा' वहाँ से निकल कर सूर और सैदा के इलाक़े को रवाना हुआ। और देखो, एक कनानी 'औरत उन सरहदों से निकली और पुकार कर कहने लगी,“ऐ ख़ुदावन्द! इबने दाऊद मुझ पर रहम कर! एक बदरूह मेरी बेटी को बहुत सताती है|” मगर उसने उसे कुछ जवाब न दिया “उसके शागिर्दों ने पास आकर उससे ये अर्ज़ किया कि ; उसे रुख़्सत कर दे, क्यूँकि वो हमारे पीछे चिल्लाती है ।” उसने जवाब में कहा , “में इस्राईल के घराने की खोई हुई भेड़ों के सिवा और किसी के पास नहीं भेजा गया।” मगर उसने आकर उसे सज्दा किया और कहा “ऐ ख़ुदावन्द, मेरी मदद कर!” उस ने जवाब में कहा “लड़कों की रोटी लेकर कुत्तों को डाल देना अच्छा नहीं।” उसने कहा “हाँ ख़ुदावन्द,। क्यूँकि कुत्ते भी उन टुकड़ों में से खाते हैं जो उनके मालिकों की मेज़ से गिरते हैं।” इस पर ईसा' ने जवाब में कहा, “ऐ 'औरत, तेरा ईमान बहुत बड़ा है। जैसा तू चाहती है तेरे लिए वैसा ही हो; और उस की बेटी ने उसी वक़्त शिफ़ा पाई”।
मत्ती 15:21-28
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