धर्म का त्याग【विनाश का पुत्र】
☦विनाश का पुत्र🔯
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कड़ी:35धर्म का त्याग
पौलुस ने अपने प्रचार में इस बात पर ज्यादा बल दिया है कि अंत के दिनों में धर्म विरोधी कार्य बढ़ जायेंगे. सच्चे धर्म के विरुद्ध शिक्षायें बढ़ेंगी और धर्म का त्याग हो जायेगा. यही वो समय होगा कि विनाश का पुत्र(ईश विरोधी)प्रकट हो जायेगा. "किसी रीति से किसी के धोखे में न आना क्योंकि वह दिन न आयेगा, जब तक धर्म का त्याग न हो ले और वह पाप का पुरूष अर्थात विनाश का पुत्र प्रकट न हो"(2थिस्स2:3)
आज वर्तमान समय को देखकर तो ऐसा ही लगता कि वो दिन अब ज्यादा दूर नहीं है. आज ऐसा लगता है कि विनाश का पुत्र जननी(पाप)की कोख में पैदा होने के लिए मचल रहा है. दिन पूरे होने को प्रसव पीड़ा शूरु हो चुकी है बस जरा सी देर है. धर्म से दूर भागते लोग,धर्म के नाम पर दिखावे और ढोंग, धर्म अगुओं का भ्रष्टाचार, अराधनालयों में पाप,अभिषिक्त पादरियों का रेप जैसी जघन्यतम पाप में संलिप्तता, धार्मिक संगठनों में दुराग्रह की भावना. ये सब विनाश के पुत्र के आने की तैयारियां ही तो हैं.
भविष्वाणियों के अनुसार वो दिन आयेंगे कि कलीसियाओं के चंद चुनिंदा लोग उठा लिये जायेंगे और पवित्र आत्मा भी उठा लिया जायेगा. और षड़यंत्रकारी गुप्त संस्थायें बाबुल के प्राचीन शैतानी अधर्म मसीहियत की दिखावटी धर्म फैलायेंगे. जैसा जल प्रलय के दिनों में हुआ था. आज विश्व के तमाम बड़े देशों में बाबुल का आदि धर्म पूरी शक्ति और जोशोखरोश के साथ फिर से सर उठा रहा है. इल्यूमिनाती चर्च इसके बड़े उदाहरण हैं.
पौलुस की भविष्वाणियों पर गौर करें"परंतु आत्मा स्पष्टता से कहता है कि आने वाले समयों में कितने लोग भरमाने वाली आत्माओं और दुष्टात्माओं की शिक्षाओं की शाखाओं पर मन लगाकर विश्वास से बहक जायेंगे'(1तिमु.4:1)
आज मसीह के नाम से तमाम संस्थायें, मंडलियां, कलिसियायें खड़ी हो चुकी हैं जो तमाम प्रपंच और चमत्कार दावों के साथ लोगों को बरगला रहे हैं. तमाम ऐसे प्रचारक हैं जिनके प्रवचन खुदगर्जी लिये बाईबल की शिक्षाओं के विपरीत होते हैं ये वचनों को तोड़ मरोड़कर पेश करते हैं.
प्रकाशित वा.के 17वें अध्याय में एक वेश्या का जिक्र है जिसके माथे पर लिखा है"भेद बड़ा बेबिलोन पृथ्वी की वेश्याओं और घृणित वस्तुओं की माता"
यह वेश्या दरअसल एक संस्था है जो धर्म विरुद्ध कार्यों को अंजाम देगी."और मैंने उस स्त्री को पवित्र लोगों के लहू और येसू के गवाहों के लहू पीने से मतवाली देखा."प्रका.वाक्य17:6मसीहियों के लिए वो दिन अच्छा बिल्कुल नहीं कहा जा सकता.यह संस्था मूलरूप से मसीही धर्म का विकृत रूप होगा. यहां वचनों को ट्विस्ट करके अर्थ का अनर्थ पेश होगा.
अधिकांश बाईबल के विशेषज्ञ कैथोलिक संस्थाओं को वेश्या का प्रतीक मानकर चलते हैं. विनाश का पुत्र इन्हीं संस्थाओं के प्रितिनिधियों,धर्म अगुओं, अभिषिक्तों को भ्रष्ट करके अपनी ताकत बढ़ायेगा. उस पशु के अधिकार को देखकर सब उसके मुरीद होंगे. वह चालाकी से प्रत्येक व्यक्ति के माथे या दाहिने हाथ पर छाप या मुहर लगायेगा कि लेन देन न हो सके. "क्योंकि वह मनुष्य का अंक है और उसका अंक666है"(प्रका.वाक्य13:16-18)
क्रमशः...
@lok kujur2/9/2018
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