तुम ईसाई क्यों बने???

आप ईसाई क्यों बने??येशु ने ऐसा कौन सा मार्ग बतलाया जो वैदिक धर्म में नहीं बतलाया गया है???

        मेरे अजीज़ आर्य मित्र अक्सर यही सवाल करते हैं.

          आर्य बंधुओं मेरे पूर्वज शूरु से ही प्रकृति पूजक रहे. हमने वेद,पुराण, रामायण, गीता आदि शास्त्र पढ़ा है. गीता को हम संपूर्ण वेदों का सार मानते हैं.वेद में जो भी कुछ दिखता है सब से यही प्रकट होता है कि मानव ईश्वर से प्रार्थना कर रहा है या अपने आराध्य का वर्णन कर रहा है, कहीं यह नहीं दिखता कि ईश्वर मानव को संबोधित करके कुछ कह रहा है। 

   नासदीय सूक्त में भी यही है.वेदों में ईश्वर की खोज जारी है.ईश्वर कौन??इसकी खोज जारी है.

   हम वेदों की कद्र जानते हैं.हम वेद विरोधी नहीं हैं. महर्षियों ने प्रकृति, मानव जीवन और ईश्वर के सम्बन्ध में चिन्तन करते हुए कुछ प्रार्थनाएँ व नीतियाँ लिखीं जिन्हें वेदों में संकलित किया गया है वेदों के प्रति हमारी श्रद्धा किसी आर्यसमाजी से ना पौराणिकों से कम है.

         हमने बाईबल भी पढ़ा इसमें मानव और ईश्वर के बीच संबंध और मानव जातियों के लिए ईश्वर के महान उद्धार के कामों का वर्णन है. ईसा को ईश्वरीय कामों का प्रतिनिधि बताया गया है. ईसा की तालीमों से हम प्रभावित हुए. और उसके अनुगामी हुए.

      ईसा ने कभी किसी मत पंथ ना किसी महापुरुषों की निंदा करी.उसने सनातन धर्म को ही आगे बढ़ाया, परिमार्जित किया, धर्म के टेढ़े मार्ग को सीधा किया.नेकी भरा जीवन जीने की कला सिखाई,बैरियों से भी प्रेम करना सिखाया, सहिष्णुता, दया और क्षमा का अद्भुत नमुना पेश किया. मोक्ष पाने के जटिल रास्ते को आसान बना दिया.

        हमारी प्रार्थना "असतो मा सदगमय्, तमसो मा ज्योतिर्गमय, मृत्योर्मा अमृतं गमय"

का जवाब ईसा के रूप में मिला. ईसा ने कहा "#मार्ग#सत्य और #जीवन मैं हूँ.

   अभी तक हम अंधेरे में थे हमने रोशनी पाई है, अब हमने ईश्वर प्राप्ति का रास्ता पा लिया है. अब हमने अनंत जीवन पाने का उपाय सुझा लिया.

    हमें गर्व है कि हम ईसा के हैं.

 रोशनी जगत में आयी और मनुष्यों ने अन्धेरे को रोशनी से अधिक प्रिय जाना क्योंकि उनके काम बुरे थे। क्योंकि जो कोई बुराई करता है, वह रोशनी से दुश्मनी रखता है, और रोशनी के पास नहीं आता, ऐसा न हो कि उसके कामों पर दोष लगाया जाए। परन्तु जो सच्चाई पर चलता है, वह रोशनी के पास आता है, ताकि उसके काम दिख जाएँ कि वे परमेश्‍वर की तरफ़ से किए गए हैं।”

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