ईसाइयों का परमेश्वर भेद भाव करता है. किसी को गरीब किसी को अमीर बनाता है.

#ईसाइयों_का_परमेश्वर_भेदभाव_करता_है●●●

कोई धनी है कोई गरीब है.

यह पिछले जन्म के पापों का फल है..

यदि यह पिछले जन्म के पापों का फल नहीं है तो अमीर गरीब बनाकर ईसाईयों के परमेश्वर भेदभाव क्यूँ करता है..????

        पुनर्जन्म जैसे मिथ्या कयासी अवधारणा को साबित करने के लिए #पूर्वाग्रही सवालों से स्वघोष विद्वता साबित नहीं कर पाओगे.....

मालिक को नौकर की और नौकरी के लिए मालिक की जरूरत है. दोनों की जरुरतें एकदूसरे के साथ जुड़ी हैं... नौकरी करने वाला कल पुरुषार्थ से मालिक हो जाता है. और राजा भी अकर्मण्यता से फकीर हो जाता है. यह ईश्वरीय व्यवस्था है जो संतुलन बनाये रखने के लिए जरूरी है. यह ईश्वर का भेदभाव या पिछले कर्मों का फल नहीं है. सोचिये अगर सब मालिक और राजा हो जायें तो क्या होगा??मनन कीजिए यदि सब गरीब हों तो परिस्थितियाँ क्या होगी?

निश्चय अव्यवस्थाPublished from Blogger Prime Android App होगी..पारिस्थितिक असंतुलन होगा.

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