विनाश का पुत्र ऐसे समय में प्रकट होगा..

@विनाश का पुत्र🔯:2

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यूहन्ना1:1-5आदि में वचन था,और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था।यही आदि में परमेश्वर के साथ था।सब कुछ उसी के द्वारा उत्पन्न हुआ, और जो कुछ उत्पन्न हुआ है उसमें से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्पन्न नहीं हुई।उसमें जीवन था और वह जीवन मनुष्यों की ज्योति था।ज्योति अंधकार में चमकती है, और अंधकार ने उसे ग्रहण न किया।

विनाश का पुत्र(ईश विरोधी) ऐसे बिषम हालातों में प्रकट होगा. जिसका जिक्र मैंने पहले भाग में किया है।उसके प्रकट होने पर संसार के जाति जाति के लोग और भिन्न भिन्न राष्ट्रों के शाशक दोनों हाथ उठाकर उसका स्वागत करेंगे. क्योंकि उन्हें यह विश्वास होगा कि यही वैश्विक अशांति को हरेगा. ईसा ने कहा था"मैं पिता के नाम से आया हूँ और तुम मुझे ग्रहण नहीं करते, यदि कोई और अपने ही नाम से आये त़ो उसे ग्रहण कर लोगे"यूहन्ना5:43

ईसा ने यह कथन इसी संदर्भ में कही थी.

                  वह संसार का विनाश करने आयेगा परंतु संसार उसे उद्धारक के रूप में ग्रहण करेगा. जबकि ईसा जगत को बचाने आये. परंतु दुनिया ने उसे ग्रहण नहीं किया। अंत समय के बड़े बड़े चिन्हों का जिक्र ईसा ने की उसे बीतते हुए दुनिया देख रही है जाति पर जातिऔर राज्य पर राज्य पर चढ़ाई करेगा, बड़े बड़े भूकम्प होंगे. यहाँ तक की मूर्तियां बोल उठेंगी.....पढ़ें लूका21.

             विनाश का पुत्र प्रकट होते ही वह अपनी कुटिल चतुराई से यूरोपीय संघ में उच्च पद प्राप्त कर लेगा और अंत मे सारे अधिकारों पर अपना वर्चस्व स्थापित कर लेगा और महाक्लेश काल के उत्तरार्ध में अर्थात साढ़े तीन बरस तक विश्व तानाशाह बनकर राज करेगा ..........(क्रमशः)Published from Blogger Prime Android App

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