मसीहियत धर्म नहीं क्रांति है..

🔥 #मसीहियत_धर्म_नहीं_क्रांति_है●●●

कुछ क्रांतियां विश्व प्रसिद्ध हैं , जिनमें हथियार,अस्त्रशस्त्र और सेनाओं का जमकर उपयोग हुआ और हज़ारों लोगों का ख़ून बहाया गया.#महाभारत का युद्ध ऐसा ही युद्ध है जिसे #धर्मयुद्ध कहा जाता है.#क्रूसेड जिसे #पवित्रयुद्ध कहा गया है.

ईसा मसीह पूरे इतिहास में एक नई क्रांति लेकर आये.इस क्रांति में कोई हताहत नहीं हुआ. यहाँ तलवार नहीं प्यार से युद्ध लड़ा गया. इस क्रांति ने सारी दुनियां को एक नई दिशा दी...नई Published from Blogger Prime Android Appराह प्रशस्त किया. इस क्रांति के लिए मसीह को किसी हथियार की ज़रूरत नहीं पड़ी. इस क्रांति यज्ञ में भी खून बहाया गया,ईसा मसीह का कतरा कतरा लहु निचोड़ा गया. इस महान यज्ञ में हव्य ईसा मसीह थे.मसीह ने शैतानी बादशाहत को उखाड़ फ़ेंकने के लिए , सलीबी मौत की राह चुनी? राजनैतिक क्रांति हो , या कि सामाजिक और धार्मिक क्रांति ; क्रांति का मतलब है परिवर्तन. शैतानी राज्य को जड़ से उखाड़ फ़ेंकने के लिए मसीहियों में क्रांति का जज़्बा होना चाहिए. इस क्रांति में दुश्मनों का नहीं,विश्वासियों का खून बहाया जाता है. दुश्मनों से मुहब्बत , इस क्रांति का पहला सिद्धांत हैं. मत्ती 5:44 में लिखा है - मैं तुमसे कहता हूं , अपने दुश्मनों से मुहब्बत रखो , और अपने सताने वालों के लिए दुआ करो. मसीहियत इंसान को नहीं , उनकी सोच बदलती है. मसीहियत वैचारिक क्रांति है , इसमें हथियारों के लिए कोई जगह नहीं है.

_Chandrashekhar Tiwari_
के लेख से प्रेरित.

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