बाईबल का ईश्वर माँसाहारी है..
दयापंथी बंधुओं आपने अभी भी पूर्वाग्रह दुराग्रह रहित स्वध्याय शूरु नहीं किया है!
सुनी सुनाई बातों और बाईबल के चन्द खण्डित आयतों से आप आक्षेप कर बुराई कर दोगे. यही सत्य नहीं है.
आप बाईबल को संदर्भ सहित समझकर स्वध्याय करें.
बाईबल के अनुसार परमेश्वर पवित्र आत्मा या पाके रुह है.
आत्मा के शरीर नहीं होते, शरीर नहीं तो मुँह और पेट नहीं होंगे. ऐसे में यह आक्षेप कि ईसाइयों का परमेश्वर माँसाहारी या आदमखोर है. यह कहना गलत साबित हुआ..
देखें..ख़ुदा रूह है, और ज़रूर है कि उसके इबादतघर रूह और सच्चाई से इबादत करें।”
यूहन्ना 4:24
1:ईसा की कुर्बानी तक बलियों का प्रचलन यहूदियों और इस्रायलियों में था.आज भी यहूदी और मुसलमान बलियाँ देते हैं.पहली उपज या पहला फल तब परमेश्वर की कृतज्ञता के लिए समर्पित किये जाते थे. कैन और हासिल ने भी वही किया. चूंकि हाबिल भेड़ बकरियाँ चरानेवाला था. उसने उत्तम भेड़ को समर्पित किया.
इसका मतलब ये नहीं हुआ कि परमेश्वर भेड़ बकरियाँ या अनाज खाने वाला हुआ.!!
ईसा की बलि के बाद ईसाइयों में यह प्रथा नहीं है.
बलि प्रथा तो सनातन प्रथा भी है.
हवनादि में अनाज घी आदि भी डाले जाते हैं.
क्या आप ये कहेंगे कि सनातन ईश्वर घी के साथ अनाज खाता है.!!!?
निर्गमन 13:2में खुदा का माँसाहारी होना कहाँ साबित होता है!!?
बाकी के दुराग्रह भी नासमझी के कारण हैं...
खुदा ने इब्राहिम के विश्वसनीयता देखने के लिए मोरिया भेजा कि बलि करे.आपने खण्डित आयत दिखाकर परमेश्वर को इंसानों की बलि लेने वाला बताने का असफल प्रयास कर रहे हैं..
आगे का कलाम आप नहीं पढ़ते..
पढ़ें..
फिर अब्राहम ने हाथ बढ़ाकर छुरी को ले लिया कि अपने पुत्र को बलि करे। तब यहोवा के दूत ने स्वर्ग से उसको पुकारकर कहा, “हे अब्राहम, हे अब्राहम!” उसने कहा, “देख, मैं यहाँ हूँ।” उसने कहा, “उस लड़के पर हाथ मत बढ़ा, और न उसे कुछ कर; क्योंकि तूने जो मुझसे अपने पुत्र, वरन् अपने एकलौते पुत्र को भी, नहीं रख छोड़ा; ..... तू परमेश्वर का भय मानता है।”
उत्पत्ति 22:10-12

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