घड़ा कुम्हार से बगावत करे तो??

#घड़ा_कुम्हार_से_बगावत_करे_तो●●●●●

                   सारी सृष्टि का कर्त्ता यहोवा(ईश्वर)ही है.और सभी सृष्टियों का धर्म एक ही है. हां भिन्न भिन्न मतों, संप्रदायों के बीच मतभेद जरूर हैं मगर समानताएं भी हैं. समाधान इसी में है कि मतभेद की समस्याओं को चिन्हित कर हल ढूंढा जाये..सृष्टि ही सृष्टिकर्ता की खिलाफत करे तो सृष्टि के कर्त्ता को सृष्टि को चेताने का हक भी है. घड़ा कुम्हार से बगावत करे तो कुम्हार क्या करे?

               मानव जाति ईश्वर की अनुपम कृति है. मानव अपने सृष्टि कर्त्ता को छोड़ मूर्ति पहाड़, नदी पत्थर, पेड़ आदि सृष्टि को सजदा करे तो ईश्वर का हक है कि अपनी कृति पर क्रोध करे.ताड़ना दे और बदला ले कि वे फिरें...

            बाईबल ईश्वर को देर से क्रोध करनेवाला अति करुणामय परमेश्वर बताती है. संतान कुचाल चले तो बाप छड़ी चलायेगा. डांट डपट करेगा. इसका मतलब ये कतई नहीं कि बाप की दुश्मनी बेटे से है. ईश्वर को बाईबल बाप बताती है. और हरेक इंसान उसकी ही संतानें हैं. और अपनी संतानों को कुचालों से बचाने के लिए अलग अलग समय और युगों के अंतरालों में अलग अलग ऋषियों महामानवों,पैगंबरों,नबियों को भेजा है. ईसा उनमें खास हैं.ईसा ने किसी धर्म शास्त्रों का विरोध नहीं किया बल्कि उन शास्त्रों पर खुद पाई पाई चलकर दिखाया और लोगों को भी चलने की हिदायतें दी.उसने कोई नया धर्म स्थापित नहीं किया. बल्कि धर्म के टेढ़े मार्गों को सीधा किया.वह निष्कलंक जीकर ईश्वर का पहलौठा हुआ. उसने "सर्वे संतू निरामयाःसर्वे भवन्तु सुखिनः" पद्धति को आगे बढ़ाया,उसने क्षमा, प्रेम, दया,परोपकार को नई परिभाषा गढ़ी. उसने बैरियों से भी मुहब्बत करना सिखाया.वह इंसानों और परमेश्वर के बीच ब्रिज का व्यक्तित्व हैं. बाईबल ईसा को ईश्वर का प्रतिरूप बताती है. ईसा के आदर्शों पर चलने वाले ईसाई ही सच्चे आर्य हैं.

यशायाह 29:15-21

[]हाय उन पर जो अपनी युक्ति को यहोवा से छिपाने का बड़ा यत्न करते, और अपने काम अन्धेरे में कर के कहते हैं, हम को कौन देखता है? हम को कौन जानता है?

तुम्हारी कैसी उलटी समझ है! क्या कुम्हार मिट्टी के तुल्य गिना जाएगा? क्या बनाई हुई वस्तु अपने कर्त्ता के विषय कहे कि उसने मुझे नहीं बनाया, वा रची हुई वस्तु अपने रचने वाले के विषय कहे, कि वह कुछ समझ नहीं रखता?

क्या अब थोड़े ही दिनों के बीतने पर लबानोन फिर फलदाई बारी न बन जाएगा, और फलदाई बारी जंगल न गिनी जाएगी?
उस समय बहिरे पुस्तक की बातें सुनने लेगेंगे, और अन्धे जिन्हें अब कुछ नहीं सूझता, वे देखने लेगेंगे।

नम्र लोग यहोवा के कारण फिर आनन्दित होंगे, और दरिद्र मनुष्य इस्राएल के पवित्र के कारण मगन होंगे।

क्योंकि उपद्रवी फिर न रहेंगे और ठट्ठा करने वालों का अन्त होगा, और जो अनर्थ करने के लिये जागते रहते हैं, जो मनुष्यों को वचन में फंसाते हैं,

और जो सभा में उलहना देते उनके लिये फंदा लगाते, और धर्म को व्यर्थ बात के द्वारा बिगाड़ देते हैं, वे सब मिट जाएंPublished from Blogger Prime Android Appगे॥

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