पुनर्जन्म झूठ है..

#पुनर्जन्म_तथ्य_सत्य??

पुनर्जन्म जैसी कोई तथ्य सत्य नहीं है. पुनर्जन्म शब्द लाक्षणिक अलंकारिक शब्द है. पुनर्जन्म(reborn)फिर से जन्म अर्थात नई जिंदगी से है. पुनर्जन्म का मतलब फिर से हमल होकर जन्मना नहीं है. वेदों में इस शब्द को शाब्दिक अर्थों में ही लिया गया है जबकि यह लाक्षणिक अलंकारिक शब्द है.वेद भाष्यकारों पुनर्जन्म को यहाँ समझने में फेर की है.वेदों में फिर से जन्म लेने या पुनर्जन्म का जिक्र नहीं है.

          दरअसल पुनर्जन्म न ब्यवहारिक है न वास्तविक है. पुनर्जन्म खुद में बदलाव लाना,जीवनशैली या पद्धति बदलना है, इसी जीवन के पुराने बुरे कर्मों से तौबा कर नये नेकी के कर्मों का अख्तियार करना है.

   #ऊँट_का_सुई_के_छेद_से_निकलना. 

    भावार्थ कुछ और ही है. शाब्दिक अर्थों में यहाँ गड़बड़ होगी. उसी तरह पुनर्जन्म के शाब्दिक अर्थ लेकर चलें तो अनर्थ होगा. पुनर्जन्म तथ्य है सत्य नहीं.

               श्रीकृष्ण ने पर्वत को उंगली पर उठाया यह तथ्य है सत्य नहीं. हनुमान जी हवा में उड़कर पर्वत को उठाकर लाया यह तथ्य है सत्य नहीं.

    जैसे पुनर्जीवित,पुनर्विवाह,पुनर्विचार, पुनर्वास

ठीक वैसे ही #पुनर्जन्म नहीं हैPublished from Blogger Prime Android App

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