दयानंद या पद्मपुराण??

#दयापंथियों_समाज_महर्षि_की_सुने_या_पद्मपुराण_की??
 "यदि स्त्री का पति परदेश जाए तो वह स्त्री सास ससुर के समीप रहे शयन करे” पद्मपुराण

वहीँ दूसरी ओर सत्यार्थ प्रकाश के चौथे समुल्लास में महर्षि उवाच है कि “पति धर्म के अर्थ परदेश गया हो तो आठ वर्ष, विद्या और कीर्ति हेतु गया तो ६ वर्ष, धनादि कामना हेतु गया तो पत्नियां तीन वर्ष बाट जोहले.यदि लौटने में देरी हो जाये तो अपनी जिस्मानी भूख मिटा नियोग करके संतान उत्पत्ति कर ले.!!!
             अब एक किताब कह रही स्त्री का पति परदेश गया हो तो सास ससुर के समीप रहे अन्य किसी के पास न जाए और दूसरी तरफ आर्यसमाज की पुस्तक कह रही की परदेश गया तो एक निश्चित समय तक इंतज़ार करने के बाद किसी के साथ अपनी ज्वाला शांत कर ले!!!
         लोग महर्षि उवाच पर अमल करें या पद्मपुराण की??
                 अब आप पर निर्भर करता है कि आप अपने समाज की महिला कैसी चाहेंगे ??
      #दयापंथियों से सवाल:-
(१) क्या दयापंथियों की महिलाएं महर्षि के आदेशों का पालन करती हैं.
(२) महर्षि निर्देश #चुंचुक_लेपण और #योनिसंकोचन विधान का भी पालन भी दयापंथियों की महिलाएं करती हैं??
(३) दयापंथी बतायें ये #योनिसंकोचन क्या है??Published from Blogger Prime Android App

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