क्या यीशु मसीह ईश्वर है?? क्या उसने ईसाईयों की पाप क्षमा के लिए मरा?
#बढ़िया_सवाल●●
या'नी उन बे'ईमानों के वास्ते जिनकी अक़्लों को इस जहाँन के ख़ुदा ने अँधा कर दिया है ताकि मसीह जो ख़ुदा की सूरत है उसके जलाल की ख़ुशख़बरी की रौशनी उन पर न पड़े। क्यूँकि हम अपनी नहीं बल्कि मसीह ईसा' का ऐलान करते हैं कि वो ख़ुदावन्द है और अपने हक़ में ये कहते हैं कि ईसा' की ख़ातिर तुम्हारे ग़ुलाम हैं। इसलिए कि ख़ुदा ही है जिसने फ़रमाया कि "तारीकी में से नूर चमके" और वही हमारे दिलों पर चमका ताकि ख़ुदा के जलाल की पहचान का नूर ईसा' मसीह के चहरे से जलवागर हो। लेकिन हमारे पास ये ख़ज़ाना मिट्टी के बर्तनों में रख्खा है ताकि ये हद से ज़्यादा क़ुदरत हमारी तरफ़ से नहीं बल्कि ख़ुदा की तरफ़ से मा'लूम हो।
2 कुरिन्थियों 4:4-7
दुनिया में तमाम ऐसे लोग हुए जो अपने आप को ईश्वर बताते थे. लेकिन जो खुद को ईश्वर होने के दावे करते हैं और अपने दावे पर खरे नहीं उतरते और ईश्वरीय कार्य और स्वभाव प्रकट नहीं कर सकते वे सभी धोखेबाज हैं...
ईसा पृथ्वी पर केवल परमेश्वर की अभिव्यक्ति ही नहीं बल्कि वह देहधारी महान आत्मा हैं जो मनुष्य के बीच रहकर ईश्वरीय स्वभाव और कार्य को प्रकट किया साथ ही बेहतर ढंग से परमेश्वर का प्रतिनिधित्व करते हुए जीवन जीने की असाधारण कला, सत्य का मार्ग, गुनाहों से तौबा कर पश्चताप, दया, क्षमा,प्रेम और परोपकार सिखाया. उसने परमेश्वर का प्रेमपूर्ण दयावान स्वभाव दिखाया.
परमेश्वर की दिव्यता आज पर्यंत किसी शरीरधारी में प्रकट नहीं हुआ इसीलिए मसीह जो सत्य दे सकता है ईश्वर का प्रतिरूप कहलाता है इसमें कुछ भी अतिसंयोक्ति नहीं है क्योंकि उसने परमेश्वर के सारतत्व को स्वयं धारण किया और अपने कार्यों में ईश्वरीय स्वभाव और ज्ञान को प्रकट किया. यह सब किसी सामान्य देहधारी के बस का नहीं है.
उन्होंने कई चमत्कारों और कौतुक भरे कामों से ईश्वरीय दर्शन का अनावरण किया.. समुद्री आंधियों को खामोश करना, हजारों लोगों को चंद रोटियों से तृप्त करना, बीमारों को चंगा करना, मुर्दों को जिलाना जिनसे अलौकिक शक्ति और अधिकार प्रकाशित हुआ.
अंत में धर्म की रक्षा और इंसान के पापों की मुक्ति दिलाने के लिए कुर्बानी देकर महायज्ञ पूर्ण किया. इसी से सिद्ध होता है ईसा के कार्य स्वयं परमेश्वर के कार्य हैं.
परमेश्वर का देहधारण एक बड़ा रहस्य है. इसे पूर्वाग्रह छोड़कर सहजता से समझा जा सकता है. सत्य से प्रेम करनेवालों के लिए देहधारी परमेश्वर को स्वीकार करना आसान है सत्य से बैर रखने वाले देहधारी ईश्वरीय प्रतिरूप की निंदा और विरोध करते हैं... ईश्वर के खोजी ईश्वर की वाणी पहचानते हैं.
1 यूहन्ना 2:2
[2]और वही हमारे पापों का प्रायश्चित्त है: और केवल हमारे ही नहीं, वरन सारे जगत के पापों का भी।
बाईबल बताती है वह केवल ईसाइयों के लिए ही नहीं सबके गुनाहों के लिए खेदित हुआ ...
और तुम जानते हो कि वो इसलिए ज़ाहिर हुआ था कि गुनाहों को उठा ले जाए ,और उसकी ज़ात में गुनाह नहीं | जो कोई उसमें क़ायम रहता है वो गुनाह नहीं करता ;जो कोई गुनाह करता है ,न उसने उसे देखा है और न जाना है | ऐ बच्चो !किसी के धोखे में न आना |जो रास्तबाज़ी के काम करता है ,वही उसकी तरह रास्तबाज़ हे |
1 यूहन्ना 3:5-7

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