यीशु मसीह पूर्व तन को लेकर मरियम के गर्भ में आये..!?

ईसाईत किसी पूर्व जन्म और अगले जन्म की अवधारणा को सिरे से खारिज करता है. अतः पूर्व तन या अगले तन की बात यहाँ लागू नहीं होती.

इंजील बताती है ईसा ईश्वर की योजना के अनुसार पाक रुह से मरियम के गर्भ में शरीरधारी हुए..क्यूँकि ख़ुदा के नज़्दीक कोई काम नामुम्किन नहीं है।”

लूका 1:37

        ईसा पृथ्वी पर केवल परमेश्वर की अभिव्यक्ति ही नहीं बल्कि वह देहधारी महान आत्मा हैं जो मनुष्य के बीच रहकर ईश्वरीय स्वभाव और कार्य को प्रकट किया साथ ही बेहतर ढंग से परमेश्वर का प्रतिनिधित्व करते हुए जीवन जीने की असाधारण कला, सत्य का मार्ग, गुनाहों से तौबा कर पश्चताप, दया, क्षमा,प्रेम और परोपकार सिखाया. उसने परमेश्वर का प्रेमपूर्ण दयावान स्वभाव दिखाया.

    परमेश्वर की दिव्यता आज पर्यंत किसी शरीरधारी में प्रकट नहीं हुआ इसीलिए मसीह जो सत्य दे सकता है ईश्वर का प्रतिरूप कहलाता है इसमें कुछ भी अतिसंयोक्ति नहीं है क्योंकि उसने परमेश्वर के सारतत्व को स्वयं धारण किया और अपने कार्यों में ईश्वरीय स्वभाव और ज्ञान को प्रकट किया. यह सब किसी सामान्य देहधारी के बस का नहीं है.

    उन्होंने कई चमत्कारों और कौतुक भरे कामों से ईश्वरीय दर्शन का अनावरण किया.. समुद्री आंधियों को खामोश करना, हजारों लोगों को चंद रोटियों से तृप्त करना, बीमारों को चंगा करना, मुर्दों को जिलाना जिनसे अलौकिक शक्ति और अधिकार प्रकाशित हुआ.

            अंत में धर्म की रक्षा और इंसान के पापों की मुक्ति दिलाने के लिए कुर्बानी देकर महायज्ञ पूर्ण किया. इसी से सिद्ध होता है ईसा के कार्य स्वयं परमेश्वर के कार्य हैं.

     परमेश्वर का देहधारण एक बड़ा रहस्य है. इसे पूर्वाग्रह छोड़कर सहजता से समझा जा सकता है. सत्य से प्रेम करनेवालों के लिए देहधारी परमेश्वर को स्वीकार करना आसान है सत्य से बैर रखने वाले देहधारी ईश्वरीय प्रतिरूप की निंदा और विरोध करते हैं... ईश्वर के खोजी ईश्वर की वाणी पहचानते हैं.

         अब ईसा' मसीह की पैदाइश इस तरह हुई कि जब उस की माँ मरियम की मंगनी यूसुफ़ के साथ हो गई: तो उन के एक साथ होने से पहले वो रूह-उल क़ुद्स की क़ुदरत से हामिला पाई गई।

मत्ती 1:18

फ़रिश्ते ने उस के पास आ कर कहा, “ऐ ख़ातून जिस पर ख़ुदा का ख़ास फ़ज़्ल हुआ है, सलाम! ख़ुदा तेरे साथ है।” मरियम यह सुन कर घबरा गई और सोचा, “यह किस तरह का सलाम है?” लेकिन फ़रिश्ते ने अपनी बात जारी रखी और कहा, “ऐ मरियम, मत डर, क्यूँकि तुझ पर ख़ुदा का फ़ज़ल हुआ है। तू हमिला हो कर एक बेटे को पैदा करेगी । तू उस का नाम ईसा (नजात देने वाला) रखना। मरियम ने फ़रिश्ते से कहा, “यह क्यूँकर हो सकता है? अभी तो मैं कुंवारी हूँ।” फ़रिश्ते ने जवाब दिया, “रूह-उल-क़ुद्दूस तुझ पर नाज़िल होगा, ख़ुदावंद की क़ुदरत का साया तुझ पर छा जाएगा। इस लिए यह बच्चा क़ुद्दूस होगा और ख़ुदा का बेटा कहलाएगा।

लूका 1:28-31, 34-35Published from Blogger Prime Android App

Comments

Popular posts from this blog

परमेश्वर झूठ बोलता है. शैतान को बनाने वाला भी वही है.

दयानन्द और गुप्त संस्था Freemason

प्रायश्चित्त करनेवालों ईश्वरीय अनुग्रह होती है.