येसु ने तलवार खरीदने क्यों कहा??
#जीजस_ने_कपड़े_बेचकर_तलवार_खरीदने_क्यों_कहा??
*येसु मसीह ने परमेश्वर के राज्य की बात कही और लोगों ने भौतिक राज समझा.*
*उसने वचन रुपी दो धारी तलवार की बात कही और लोगों ने काटने और मारने वाले हथियार समझ लिया!!*
इब्रानियों4:12
*ईसा ने खुद के माँस और लहु खाने पीने की बात कही लोग उसे पागल और सनकी कहने लगे...!*
*दोष मसीह की नहीं,कमअक्ल सांसारिक लोगों की समझ का है.*
*येसु ने कहा मैं मेल कराने नहीं तलवार चलवाने आया हूँ. इसके भी शाब्दिक अर्थों को लेकर ईसा को तलवार चलवाने वाला बताया जा रहा है. ईसाईयत की समझ रखने वाले और सत्यग्रही तथ्य सत्य समझते हैं. दुराग्रही लाख दुराग्रह और झूठ फैलायें....*
सत्य तथ्य बदल नहीं जायेगा.
*और उसने उनसे कहा, “जब मैंने तुम्हें बटुए, और झोली, और जूते बिना भेजा था, तो क्या तुम को किसी वस्तु की घटी हुई थी?” उन्होंने कहा, “किसी वस्तु की नहीं।” उसने उनसे कहा, “परन्तु अब जिसके पास बटुआ हो वह उसे ले, और वैसे ही झोली भी, और जिसके पास तलवार न हो वह अपने कपड़े बेचकर एक मोल ले। क्योंकि मैं तुम से कहता हूँ, कि यह जो लिखा है, ‘वह अपराधी के साथ गिना गया,’ उसका मुझ में पूरा होना अवश्य है; क्योंकि मेरे विषय की बातें पूरी होने पर हैं।”* (गला. 3:13, 2 कुरि. 5:21, यशा. 53:12)
*उन्होंने कहा, “हे प्रभु, देख, यहाँ दो तलवारें हैं।” उसने उनसे कहा, #बहुत_हैं।”*
लूका 22:35-38
जीजस ने यह ब्यंग्य लहजे में कहा *#बहुत_हैं..*
*येसु मसीह ने जब कहा अपने कपड़े बेचकर तलवार खरीद लो यह भी अपने शागिर्दों की नादानियों को देखकर ब्यंग्य ही था.*
*येसु ने कभी हिंसा का समर्थन नहीं किया ना ही शागिर्दों को हथियार रखने को कहा ना कोई हथियारों से लैश फौज या सेना बनाई.जबकि तत्समय येसु की लोकप्रियता बुलंदियों पर थी.*
*जब तलवार चलाई गई उसने इसका समर्थन नहीं किया. उसने कहा "तलवार म्यान में रखो"उनमें से जो पास खड़े थे, एक ने तलवार खींचकर महायाजक के दास पर चलाई, और उसका कान उड़ा दिया। यीशु ने तलवार चलाने वाले से कहा अपनी तलवार म्यान में रख,तलवार चलाने वाले तलवार से ही नाश होंगे और लोगों से कहा, “क्या तुम डाकू जानकर मुझे पकड़ने के लिये तलवारें और लाठियाँ लेकर निकले हो? मैं तो हर दिन मन्दिर में तुम्हारे साथ रहकर उपदेश दिया करता था, और तब तुम ने मुझे न पकड़ा: परन्तु यह इसलिए हुआ है कि पवित्रशास्त्र की बातें पूरी हों।”*
मरकुस 14:47-49
मत्ती 26:51-55
*मसीह की शिक्षाएं #दया_क्षमा_प्रेम_और_परोपकार पर आधारित हैं.*
*मसीह ने अपने पड़ौसियों से अपने जैसा प्रेम रखना सिखाया,*
*मसीह ने बैरियों से भी मुहब्बत करना सिखाया.*
*मसीह ने दया और क्षमा सिखाया.*
येसु की शिक्षाएँ ऐसी हैं..
*“तुम सुन चुके हो, कि कहा गया था, कि आँख के बदले आँख, और दाँत के बदले दाँत। (व्यव. 19:21) परन्तु मैं तुम से यह कहता हूँ, कि बुरे का सामना न करना; परन्तु जो कोई तेरे दाहिने गाल पर थप्पड़ मारे, उसकी ओर दूसरा भी फेर दे। और यदि कोई तुझ पर मुकद्दमा करके तेरा कुर्ता लेना चाहे, तो उसे अंगरखा भी ले लेने दे। और जो कोई तुझे कोस भर बेगार में ले जाए तो उसके साथ दो कोस चला जा। जो कोई तुझ से माँगे, उसे दे; और जो तुझ से उधार लेना चाहे, उससे मुँह न मोड़।*
मत्ती 5:38-42
*“तुम सुन चुके हो, कि कहा गया था; कि अपने पड़ोसी से प्रेम रखना, और अपने बैरी से बैर। (लैव्य. 19:18) परन्तु मैं तुम से यह कहता हूँ, कि अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सतानेवालों के लिये प्रार्थना करो। (रोम. 12:14) जिससे तुम अपने स्वर्गीय पिता की सन्तान ठहरोगे क्योंकि वह भलों और बुरों दोनों पर अपना सूर्य उदय करता है, और धर्मी और अधर्मी पर मेंह बरसाता है। क्योंकि यदि तुम अपने प्रेम रखनेवालों ही से प्रेम रखो, तो तुम्हारे लिये क्या लाभ होगा? क्या चुंगी लेनेवाले भी ऐसा ही नहीं करते? इसलिए चाहिये कि तुम सिद्ध बनो, जैसा तुम्हारा स्वर्गीय पिता सिद्ध है।*(लैव्य. 19:2)
मत्ती 5:43-46, 48
*जिसा मसीह ने एक गाल के बदले दूर गाल भी फेर देने की तालीमें दी.वह हथियार खरीदने क्यों कहेगा.!???*
*येसु मसीह के प्रवचनों की शैली अमिधा लक्षणा है. वे अक्सर दृष्टांतों में अपनी बात कहते थे. लोग शाब्दिक अर्थ लेकर उनके प्रवचनों का अनर्थ करते हैं.*
*मसीह की लाश चुरा लिये जाने की बात आपने कहाँ से पढ़ा???*
*कब्र पर पहरुओं की तैनाती थी ऐसे में आप जो कयास रहे हैं वह गलत है.*
*ईसा मसीह शास्त्रों और अपने वायदों के अनुसार पुनर्जीवित हुए.* *ऐसा बाईबल बताती है.*
*लोग आपके झूठ पर कैसे भरोसा करें??*

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