ईसाई गरीबों अनपढों के पास ही क्यों जाते हैं?


ईसाईयत है क्या??
      आप यह जानते भी नहीं और कुड़कुड़ाये फिरते हो.
ईसाईयत गरीबों,जरुरतमंदों, असहायों की मदद का नाम है.
         अनपढ़ों जाहिलों तक शिक्षा पहुँचाने का नाम है. ईसाईयत बीमारों अनाथों की सेवा का नाम है.
इसीलिए ईसाईयत गरीबों अनपढ़ों, जरुरतमंदों, बीमारों,अनाथों निसहायों तक ज्यादा पहुँचता है.
आप क्यों नहीं जाते गरीबों की बस्ती में??
जायेंगे भी क्यों??
       गरीबी बीमारी को पिछले जन्म का पाप दण्ड जो समझते हो!!
गरीबों की बस्ती में जाकर ईसाईयत उन्हें जब गले से लगाये तो आपको अपनी अमीरी खतरे में नजर आती है.!!😉
      आप अनपढ़ों के पास शिक्षा की ज्योति लेकर क्यों नहीं जाते??
ईसाईसाईयत यदि अनपढ़ों को मुफ्त शिक्षा दे तो आपको डर लगता है कि आपकी विद्वता की पोल ना खुल जाये!!!😎
      गरीब अनपढ़ बीमारों की गंदी झुग्गियों में कभी झांकने गए नहीं और ईसाईयत वहाँ अपना धर्म निभाये तो आपके धर्म खतरे में चले जाते हैं.!!🙄🙄
            ईसाईयत को कोसने से आपका कोई लाभ हो तो बेशक कोसो.मगर इतना जान लो.
ईसाईयत को कोसने से ईसाईयत को कोई हानि नहीं होगी.
ईसाइयों से सबक लो.सबक मत सिखाओ.
आलोक कुजूर #पंचवेदी

Comments

Popular posts from this blog

परमेश्वर झूठ बोलता है. शैतान को बनाने वाला भी वही है.

दयानन्द और गुप्त संस्था Freemason

प्रायश्चित्त करनेवालों ईश्वरीय अनुग्रह होती है.