अंबेडकर की दूसरी शादी चितपावन ब्राह्मण महिला से हुई थी??

#अंबडेकर_ने_दूसरी_शादी_एक_चितपावन या #सारस्वत_ब्राह्मण_लड़की_से_की_थी -- 
कुछ महान कुतर्की हमेसा एक ताना देते है कि 
अम्बेडकर ने दूसरी शादी एक ब्राह्मण लड़की से की थी,

ये एक बहुत बड़ा झूठ है जिसे दुष्प्रचारपंथी विचारधारा वालो ने सभी के ऊपर थोप दिया, 

1947 के आसपास अम्बेडकर को डायबिटीज, ब्लडप्रेशर हो गया था, पैरों में दिक्कत बढ़ने लगी थी.

मुंबई की डॉक्टर #शारदा_कबीर ने इलाज शुरू किया (ये शारदा कबीर ब्राम्हण नही #पारसी थी जिसे लोग ब्राम्हण बताते फिरते है ).

कबीर नाम का कोई भी टाइटल चितपावन या सारस्वत या किसी भी ब्राह्मण उपजाति में कहीं नही पाया जाता है. आप चाहे तो इस बात की कहीं से भी पुष्टि कर सकते हैं, कबीर टाइटल आपको किसी भी #पारसी परिवार में मिल जाएगा.

अगर कोई ये तर्क दे कि उस समय महाराष्ट्र में अपने गांव या जिले के नाम को भी लोग अपने टाइटल/सरनेम की भांति प्रयोग करते थे तो आपको पता होना चाहिए कि कबीर नाम का उस समय कोई जिला या गांव महाराष्ट्र के रिकार्ड में कभी भी नही रहा है.

शारदा कबीर के #पिता का नाम #कृष्ण_कबीर था और शारदा को मिलाकर कुल 8 भाई बहन थे जिनमें 5 बहन और 3 भाई थे और सभी ने शादी परधर्मियों में ही की थीं.

#शारदा_कबीर (पारसी) ने अम्बेडकर से शादी के बाद अपना नाम #सविता और टाइटल #अम्बेडकर कर लिया.
हालाकि इन  दोनों की उम्र में अंतर था और जब शादी हुई तो दलितों का बड़ा वर्ग खासा कुपित था क्योंकि ये जिस सामान्यवर्ग समाज को शोषक मानते थे उसी से शादी कर बैठे. उनके मित्रो को आशंका हुई कि अब उनका राजीनतिक जीवन समाप्त हो जाएगा जो सही सिद्ध हुआ.

अंबेडकर के बेटे और नजदीकी रिश्तेदारों को भी ये शादी रास नहीं आई, उनसे खटास तो पूरी जिंदगी बनी रही.

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