ईसाईयों का परमेश्वर इंसानों से हार जाता है.!!
अतुल अग्निनिष्ठ जी बैशाखी लेकर आप भक्ति करते हो और हमें लँगड़े भक्त बता रहे हो😎😀😀
ईश्वर भक्त की प्रार्थना नहीं सुनता तो भक्ति क्यों करते हो आप!?
याकूब का कुश्ती जीतना मैसेज है.ईश्वर भक्तों से हारता भी है.
बाईबल में व्यक्ति लिखा है व्यक्ति प्रकट हुआ ना कि यहोवा..
जो याकूब से मल्लयुद्ध किया. इसी अध्याय के इससे पहले आयत पर दो फरीश्ते प्रकट हुए थे.
और याकोब वहीं रुक गये. एक #व्यक्ति वहां आकर सुबह तक उनसे मल्ल-युद्ध करता रहा.
उत्पत्ति 32:24
यही व्यक्ति आगे याकूब से कहता है. तू परमेश्वर से भी जीत चुका है और मनुष्यों से भी...
देखें..तब उस व्यक्ति ने उनसे कहा, “अब से तुम्हारा नाम याकोब नहीं बल्कि इस्राएल होगा, क्योंकि परमेश्वर से तथा मनुष्यों से संघर्ष करते हुए तुम जीत गए हो.”
उत्पत्ति 32:28
आपको गलतफहमी है कि याकूब से यहोवा परमेश्वर ने साक्षात कुश्ती की.वह व्यक्ति परमेश्वर की ओर से प्रकट हुआ. इसे ऐसा समझा जाना चाहिए.
गलतफहमी दूर करें क्योंकि बाईबल परमेश्वर को आत्मा बताती है और आत्मा शरीर धारी नहीं होता. हाँ शरीर में प्रकट हो सकता है. बाईबल से ऐसा ही स्पष्ट है.
आप गलतफहमी में हैं इसीलिए यहोवा को शरीरवाला समझ रहे हैं.और इसी लिए भी दस ऐसे बेतुके सवाल करते हो जो सवाल ही गलत है.
बाईबल समझने के लिए आपकी योग्यता अभी नहीं है.
आप पहले योग्य बनें...
दुराग्रह त्यागें....
ईसाईयत और बाईबल को कोसने के बजाये शालीनता से वेद प्रचारें इसी में सिकुड़ते #दयापंथी कुनबे की भलाई है.
ईसाईयत को कोसकर कौन सी क्रांति ला पाये हो अब तक??
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