मैं यीशु पर विश्वास नहीं करता, क्या मैं दोषी हूँ?
मेरे अजीज आर्य बंधु Shashank Sharma जी द्वारा पूछा गया सवाल.
"#मैं_यीशु_पर_विश्वास_नहीं_करता_क्या_मैं_दोषी_हूँ?
क्योंकि बाईबल कहती है जो यीशु पर विश्वास नहीं करता वह दोषी ठहराया जा चुका है....
शशांक भाई यदि यह आपकी जिज्ञासा है तो हमारा उत्तर यह है.
शशांक जी आपके सवालों का जवाब अगले आयत में ही है.
आप यीशू में विश्वास क्यों नहीं करते??
यीशु ने कहा है बीमारों को वैद्य की जरूरत नहीं होती. यदि आप बीमार नहीं तो वैद्य की जरूरत नहीं है.
यीशु ने यह भी कहा है मैं धर्मियों को नहीं विधर्मियों, पापियों को राह दिखाने आया हूँ.
यदि आप पाप रहित हैं,
यदि आप निष्पाप,निष्कलंक हैं तो यीशु की कोई जरूरत आपको नहीं हैं.
दोषी वह है जो अंधेरे में रहकर रोशनी को ठुकराता है, दोषी वो है जो अधर्म नहीं छोड़ता. दोषी वो है जो विधर्मी है.दोषी वह ठहराया जायेगा जो गुनाहों से तौबा नहीं करता.
आप तो नेक हैं, जन्म से लेकर आजतक आपने कोई पाप नहीं किया है, आप अधर्म नहीं करते, आप धर्म के राही हैं, आप अपने पड़ोसी को अपने समान प्रेम करते हैं, आप अपने बैरियों से भी मुहब्बत रखते हैं, आपने कभी झूठ नहीं बोला, आप बुरे विचार नहीं करते. आप ईर्ष्या नहीं करते,
आप दया,क्षमा,प्रेम और परोपकार करनेवाले हैं.ऐसे में आपको यीशु से कोई सरोकार नहीं.यीशु ने कहा है मैं खोये हुओं को ढूंढने आया हूँ..
आप आत्मावलोकन करें आप खोये हुओं में से हैं या नहीं??
और यदि आप खोये हुओं में से नहीं तो आप बेफिक्र रहें.
ईसा विधर्मियों, अधर्मियों और पापियों को गले लगाकर पाप और गुनाह से तौबा करने और ईश्वर से जुड़ने की अपील करते हैं.
सज़ा की आज्ञा का कारण यह है कि रोशनी जगत में आयी और मनुष्यों ने अन्धेरे को रोशनी से अधिक प्रिय जाना क्योंकि उनके काम बुरे थे। क्योंकि जो कोई बुराई करता है, वह रोशनी से दुश्मनी रखता है, और रोशनी के पास नहीं आता, ऐसा न हो कि उसके कामों पर दोष लगाया जाए। परन्तु जो सच्चाई पर चलता है, वह रोशनी के पास आता है, ताकि उसके काम दिख जाएँ कि वे परमेश्वर की तरफ़ से किए गए हैं।”
यूहन्ना 3:19-21
यदि आपने पूर्वाग्रह पाल रखा है तो आप बेशक ठट्ठे कर सकते हैं. इसमें भी आपका कोई दोष नहीं है. क्योंकि पूर्वाग्रह एक ऐसा चश्मा है जिससे सत्य धुंधला नजर आता है.आप निर्दोष हैं.

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