जीजस के खून में भी आदिपाप था!फिर जीजस निष्पाप निष्कलंक कैसे??
#ईसाई_जीजस_को_निष्पाप_बताते_हैं_जबकि_आदिपाप_मरियम_से_होकर_जीजस_के_भी_खून_में_था!!!
आर्य बंधू,
आपने बहुत अच्छा और सुन्दर तरीके से सवाल किया है.
मसीहियत और बाईबल की सच्चाई से परिचित नहीं होने पर ही लोग ऐसे सवाल करते हैं.
बाईबल के अनुसार सच तो यह है कि जीजस पर ना मरियम का खून है ना ही किसी इंसान के वीर्य से उनका जन्म हुआ.
इब्रानि 10::5 से जैसा स्पष्ट है. उसके लिए पूर्व से ही देह तैयार था.अतः उस पर भी आदि पाप होने की बात सरासर गलत है अज्ञानता है.सामान्यतः संसार भर के सभी लोगों में वंश पिता से माना जाता है, इसीलिए लोग पुत्रों की इतनी लालसा रखते हैं - ताकि उनका वंश चलता रहे.किन्तु उत्पत्ति में परमेश्वर ने स्त्री के वंश की बात की अर्थात वह उद्धारकर्ता संसार की सामान्य रीति के अनुसार जन्म नहीं लेगा, उसके स्त्री के गर्भ में आने और जन्म लेने में किसी पुरुष का कोई कार्य नहीं होगा.साथ ही चूँकि उस जगत के उद्धारकर्ता को एक सामान्य मनुष्य के समान भी होना था, मनुष्यों के अनुभवों में से होकर निकलना था, और उन परिस्थितियों में भी अपने निष्पाप, पवित्र, निष्कलंक होने को कायम रखना था, इसलिए उसका जन्म भी मनुष्यों के समान ही होना था.मानवीय जीवन का कोई ऐसा अनुभव नहीं बचना था, जिससे होकर वह न निकले और फिर भी पूर्णतः निर्दोष और पवित्र रहे.
यीशु मसीह ही संसार के इतिहास में एकमात्र मनुष्य हैं जो मनुष्यों की रीति से तो गर्भ में नहीं आए, किन्तु फिर भी किसी भी अन्य मनुष्य के समान गर्भ में रहने, जन्म की पीड़ा और अनिश्चितता सहने, असहाय और माँ पर पूर्णतः निर्भर शिशु होने, फिर बाल्यावस्था से लेकर वयस्क होने के सभी अनुभवों में से होकर निकले.प्रभु यीशु मसीह का अपनी माँ के गर्भ में आना परमेश्वर का किया आश्चर्यकर्म था: उन के संसार में आने के लिए परमेश्वर की ओर से एक देह तैयार की गई “इसी कारण वह जगत में आते समय कहता है, कि बलिदान और भेंट तू ने न चाही, पर मेरे लिये एक देह तैयार किया” (इब्रानियों 10:5), और फिर उस देह को मरियम के गर्भ में रखा गया, जहाँ वह किसी भी अन्य मनुष्य के समान उन सभी परिस्थितियों से होते हुए विकसित हुई और फिर उन्होंने एक सामान्य मनुष्य के समान संसार में जन्म लिया “अब यीशु मसीह का जन्म इस प्रकार से हुआ, कि जब उस की माता मरियम की मंगनी यूसुफ के साथ हो गई, तो उन के इकट्ठे होने के पहिले से वह पवित्र आत्मा की ओर से गर्भवती पाई गई” (मत्ती 1:18)। उत्पत्ति 3:15 में कही गई परमेश्वर की बात और भविष्यवाणी, सारे जगत के उद्धारकर्ता का “स्त्री का वंश” होना पूरी हुई.
परमेश्वर कभी झूठ या गलत नहीं बोलता है, उसका कहा कभी नहीं टलता है, वह असंभव लगने वाली स्थिति में से भी मार्ग बना देता है..

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