जीवन की संभावनाएं...

*#जीवन_की_संभावनाएं*..
      *जन्म के साथ जीवन नहीं मिलता, जन्म के साथ जीवन की केवल संभावना मिलती है. उस संभावना को वास्तविक बनाये बिना न कोई आनंद है,* *न कोई सुगंध है, ना बसंत है, ना फूल खिलते हैं, ना पक्षी गाते हैं ना सवेरा है..!!कुछ भी नहीं!*
        *अंधेरा, उदासी,अवसाद,दर्द ही दर्द लोग इस भ्रांति में हैं कि जन्म पा लिया तो जीवन पा लिया.. जैसे कोई बीज को लिये बैठा रहे और फूल ,सुगंध और फल की इच्छा कर रहा हो!!*
     *हलांकि बीज मेंं ही फूल,सुगंध और फल छुआ है. मगर जो छुपा है उसे प्रकट करना होगा जो अव्यक्त है उसे व्यक्त करना होगा...जो संभावित है उसे वास्तविक करना होगा, जो स्वप्न है उसे सत्य करना होगा...*
     *बीज को सड़ना होगा तभी वह पुष्पित और फलित होगा..*
यूहन्ना 12:24
[]मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि जब तक (गेहूं का) दाना भूमि में पड़कर मर नहीं जाता, वह अकेला रहता है परन्तु जब मर जाता है, तो बहुत फल लाता है।
      *स्वयं जन्म लेना, फिर से जन्मना ही जीवन है.फिर से जन्मने का यह कतई मतलब नहीं कि फिर से गर्भ में जाया जाये...*
*ईसा मसीह ने कई दफा कहा है."तुम्हें फिर से जन्मना होगा"*
यूहन्ना 3:3,6-7
[]यीशु ने उस को उत्तर दिया; कि मैं तुझ से सच सच कहता हूं, यदि कोई नये सिरे से न जन्मे तो परमेश्वर का राज्य देख नहीं सकता।
[]क्योंकि जो शरीर से जन्मा है, वह शरीर है; और जो आत्मा से जन्मा है, वह आत्मा है।
[]अचम्भा न कर, कि मैं ने तुझ से कहा; कि तुम्हें नये सिरे से जन्म लेना अवश्य है।
*बहुत से अनर्थ करनेवाले और इस जीवन से असंतुष्ट लोग इसे पुनर्जन्म के कयासों ढालकर फिर से जिंदगी पाने की मिथ्या कामना करते हैं. पुनर्जन्म सत्य नहीं तथ्य है मिथ्या है.*
      *इतने लोग हैं धरती पर और इतनी गहन उदासी है. इसका कारण एक ही है कि लोग जन्म को ही जीवन का पर्याय समझ बैठे हैं.*
  *जन्म के साथ ही जीवित बने रहने के तमाम अवसर तो हैं लेकिन जीवन कहाँ मिलता है??*
        *श्रेष्ठ वही है जिसने दोबारा स्वयं जन्म लिया है. जन्म तो एक ही बार मिलता है मां बाप से..और दूसरा जन्म खुद से खुद को जन्माना है. स्वयं जन्म लेने की प्रक्रिया का नाम ही सन्यास है. सन्यस्त हुए बिना कोई श्रेष्ठ नहीं होता ना मोक्ष संभव है.*
      *जो फिर से नहीं जन्मते वही पुनर्जन्म की कयास लगाये इसकी इच्छा कर खुद को थोथी दिलासा देते हैं.*
🔥#आलोक*🙏🙏

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