Posts

Showing posts from March, 2022

विनाश का पुत्र 14

Image
@विनाश का पुत्र🔯voll:14 😈👹👹👹👹😈 विनाश के पुत्र के आगमन के लिए रास्ता तैयार करती गुप्त संस्थाओं का दूसरा सबसे बड़ा हथियार शिक्षा योजनाएं हैं. वे नवजवानों को शिक्षित होने का एहसास दिलाकर पहले उन्हें मनोवैज्ञानिक भब्य दिवा स्वप्न दिखाते हैं, परंतु उनका यह दिवा स्वप्न तब दरक जाता है जब उन्हें प्रतिस्पर्धाओं से गुजरना होता है. ये नवजवान जब प्रतिस्पर्धा में खड़े होते हैं तब उन्हें वास्तविकता मालूम होती है कि वे शिक्षित होकर भी अशिक्षित हैं, उनमें वह योग्यता ही नहीं कि वे काम या नौकरी पा सकें. इसके बाद अवसाद, डिप्रेशन, तनाव, कुंठा का दौर चरम पर पहुंच जाता है. वह खुद को अकेला चौराहा पर खड़ा पाता है. नवजवानों की इसी अवस्था का दुरुपयोग ऐसी गुप्त संस्थायें करती हैं.वे असंतुष्ट होकर समाज, परिवार, कानून, धर्म और नैतिकता से दूरी बना लेते हैं. वह नवजवान स्वतंत्र विचार धारा, देश विरोधी, आंदोलन, धरना और अंततः अपराध, निरंकुशता की धारा में बहता चला जाता है.             नवजवानों की इस विद्रोही प्रकृति का सबसे बड़ा और ठोस कारण कमजोर बुनियादी शिक्षा की बुनियाद है,गलत शिक्षा नी...

यीशु मसीह पूर्व तन को लेकर मरियम के गर्भ में आये..!?

Image
ईसाईत किसी पूर्व जन्म और अगले जन्म की अवधारणा को सिरे से खारिज करता है. अतः पूर्व तन या अगले तन की बात यहाँ लागू नहीं होती. इंजील बताती है ईसा ईश्वर की योजना के अनुसार पाक रुह से मरियम के गर्भ में शरीरधारी हुए..क्यूँकि ख़ुदा के नज़्दीक कोई काम नामुम्किन नहीं है।” लूका 1:37         ईसा पृथ्वी पर केवल परमेश्वर की अभिव्यक्ति ही नहीं बल्कि वह देहधारी महान आत्मा हैं जो मनुष्य के बीच रहकर ईश्वरीय स्वभाव और कार्य को प्रकट किया साथ ही बेहतर ढंग से परमेश्वर का प्रतिनिधित्व करते हुए जीवन जीने की असाधारण कला, सत्य का मार्ग, गुनाहों से तौबा कर पश्चताप, दया, क्षमा,प्रेम और परोपकार सिखाया. उसने परमेश्वर का प्रेमपूर्ण दयावान स्वभाव दिखाया.     परमेश्वर की दिव्यता आज पर्यंत किसी शरीरधारी में प्रकट नहीं हुआ इसीलिए मसीह जो सत्य दे सकता है ईश्वर का प्रतिरूप कहलाता है इसमें कुछ भी अतिसंयोक्ति नहीं है क्योंकि उसने परमेश्वर के सारतत्व को स्वयं धारण किया और अपने कार्यों में ईश्वरीय स्वभाव और ज्ञान को प्रकट किया. यह सब किसी सामान्य देहधारी के बस का नहीं है.     उन्होंने क...

कौन कहता है वेदों में इतिहास नहीं है??

Image
परीक्षित अर्जुन के पौत्र अभिमन्यु और उत्तरा के पुत्र तथा जनमेजय के पिता थे। जब ये गर्भ में थे तब अश्वत्थामा ने ब्रम्हशिर अस्त्र से परीक्षित को मारने का प्रयत्न कियाथा । ब्रम्हशिर अस्त्र का संबंध भी भगवान ब्रम्हा से है तथा ब्रम्हा के ही महान अस्त्र ब्रह्मास्त्र के समान शक्तिशाली, अचूक और घातक कहा गया है। इस घटना के बाद योगेश्वर श्रीकृष्ण ने अपने योगबल से उत्तरा के मृत पुत्र को जीवित किया था ।               राजा परीक्षित का जिक्र वेदों में है.अथर्ववेद१२७:७-१०  अथर्ववेद में आयोध्या का जिक्र है अयोध्या को ईश्वर का नगर बताया गया है और इसके संपन्नता की तुलना स्वर्ग से की गई है। अयोध्या, एक पवित्र भूमि जिसपर खुद भगवान राम ने जन्म लिया। #अष्टचक्रा_नवद्वारा_देवानां_पूरयोध्या  ऋग्वेद में वशिष्ठ को भरतों के राजा सुदास के पुरोहित के रुप में प्रस्तुत किया गया है. वैदिक काल में सतलुज नदी को शुतुद्रि,ब्यास को विपासा रावी को परुष्णी,चिनाब को अश्किनी और झेलम को वितस्ता कहा  जाता था.

कश्मीरी पंडितों की सच्चाई??

Image
काश्मीर और काश्मीरी पंडित इस लेख को लिखने का आशय उस सच को सामने लाना है श संघ के लोग हर समय काश्मीरी पंडितों पर हुए अन्याय और कत्लेआम को शेष भारत के मुसलमानों के सामने रखकर उन्हें गालियाँ देना शुरु कर देते हैं जब भी कश्मीरियों पे जुल्म की बात होती है तो ये अमन के दुश्मन धर्म के नाम पर समाज में जहर घोलने वाले लोग कश्मीरी पंडितो की बात करके खून को खून से धोने की कोसिस करते है जब की हक़ीक़त यह है की कश्मीरी पण्डित आज भी सर्कार के पैसो पर पल रहे है  दरअसल संघ ने  झूठ का सहारा लेकर और अपने समर्थकों के हृदय में यह भर दिया कि काश्मीर में मुसलमानों ने काश्मीरी पंडितों को वहाँ से भगा दिया जो इधर उधर भटक रहे हैं और काश्मीरी पंडितों की हत्याएं भी कर दी जो विषय काश्मीर में एक समग्र आतंकवाद का था उसे हिन्दू और मुसलमानों में बांट कर काश्मीरी मुसलमानों को भारत से दूर कर दिया कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग मानने वालों का खून उस वक़्त क्यों नही खौलता है जब कश्मीरीयो पर जुल्म होती है उनकी बहन बेटियो की इज़्ज़त को तार तार किया जाता है  उस वक़्त हमें गुस्सा क्यों नहीं आता  हम मोमबत्तियां लेकर स...

तमसो मा ज्योतिर्गमय...

Image
#तमसो_मा_ज्योतिर्गमय ●●● प्रकाश आपके मन की एक छोटी सी घटना है। प्रकाश शाश्वत नहीं है, यह सदा से एक सीमित संभावना है क्योंकि यह घट कर समाप्त हो जाती है। हम जानते हैं कि इस ग्रह पर सूर्य प्रकाश का सबसे बड़ा स्त्रोत है। यहाँ तक कि आप हाथ से इसके प्रकाश को रोक कर भी, अंधेरे की परछाईं बना सकते हैं। परंतु अंधकार सर्वव्यापी है, यह हर जगह उपस्थित है। आध्यात्म में सदा अंधकार को एक शैतान के रूप में चित्रित किया है। पर जब आप दिव्य शक्ति को सर्वव्यापी कहते हैं, तो आप स्पष्ट रूप से इसे अंधकार कह रहे होते हैं, क्योंकि सिर्फ अंधकार सर्वव्यापी है!!!!              यह हर ओर है। इसे किसी के भी सहारे की आवश्यकता नहीं है। प्रकाश सदा किसी ऐसे स्त्रोत से आता है, जो स्वयं को जला रहा हो। इसका एक आरंभ व अंत होता है। यह सदा सीमित स्त्रोत से आता है। अंधकार का कोई स्त्रोत नहीं है। यह अपने-आप में एक स्त्रोत है। यह सर्वत्र उपस्थित है। तो जब हम शिव कहते हैं, तब हमारा संकेत अस्तित्व की उस असीम रिक्तता की ओर होता है। इसी रिक्तता की गोद में सारा सृजन घटता है। रिक्तता की इसी गोद को हम शिव...

येसु ने तलवार खरीदने क्यों कहा??

Image
#जीजस_ने_कपड़े_बेचकर_तलवार_खरीदने_क्यों_कहा?? *येसु मसीह ने परमेश्वर के राज्य की बात कही और लोगों ने भौतिक राज समझा.* *उसने वचन रुपी दो धारी तलवार की बात कही और लोगों ने काटने और मारने वाले हथियार समझ लिया!!* इब्रानियों4:12    *ईसा ने खुद के माँस और लहु खाने पीने की बात कही लोग उसे पागल और सनकी कहने लगे...!*     *दोष मसीह की नहीं,कमअक्ल सांसारिक लोगों की समझ का है.*    *येसु ने कहा मैं मेल कराने नहीं तलवार चलवाने आया हूँ. इसके भी शाब्दिक अर्थों को लेकर ईसा को तलवार चलवाने वाला बताया जा रहा है. ईसाईयत की समझ रखने वाले और सत्यग्रही तथ्य सत्य समझते हैं. दुराग्रही लाख दुराग्रह और झूठ फैलायें....*       सत्य तथ्य बदल नहीं जायेगा. *और उसने उनसे कहा, “जब मैंने तुम्हें बटुए, और झोली, और जूते बिना भेजा था, तो क्या तुम को किसी वस्तु की घटी हुई थी?” उन्होंने कहा, “किसी वस्तु की नहीं।” उसने उनसे कहा, “परन्तु अब जिसके पास बटुआ हो वह उसे ले, और वैसे ही झोली भी, और जिसके पास तलवार न हो वह अपने कपड़े बेचकर एक मोल ले। क्योंकि मैं तुम से कहता हूँ, कि यह जो लिखा...

दमिश्क सीरिया पर बाईबल की भविष्यवाणी पूरी.

Image
दमिश्क (अरबी: دمشق उच्चारण: दिमश्क़) सीरिया की राजधानी और सीरिया का सबसे बड़ा नगर है। देश के दक्षिण-पश्चिमी कोने में, लेबनॉन की सीमा के निकट बसा ये शहर ऐतिहासिक है, आज इसकी जनसंख्या ४५ लाख है। दमिश्क विश्व के प्राचीनतम नगरों में गिना जाता है और जहाँ आज भी लोग रह रहे हैं। ऐसा माना जाता है कि दमिश्क में ८००० से १०००० ईसा पूर्व में लोगो ने रहना प्रारंभ कर दिया था।मेरे प्रिय भाई-बहने हमारा परमेश्वर कोई काल्पनिक परमेश्वर  या कोई कथा कहानीयो वाला परमेश्वर नही है, परमेश्वर सत्य है, परमेश्वर का वचन सत्य और अटल है, क्युन्कि परमेश्वर ने खुद कहा है- 👉मैं तुम लोगों से सच कहता हूँ − आकाश और पृथ्‍वी भले ही टल जाएँ, किन्‍तु व्‍यवस्‍था की एक मात्रा अथवा एक बिन्‍दु भी पूरा हुए बिना नहीं टलेगा । मत्ती 5:18 👉धन्य है वह जो इस भविष्यद्वाणी के वचन को पढ़ता है, और वे जो सुनते हैं और इस में लिखी हुई बातों को मानते हैं, क्योंकि समय निकट आया है॥ प्रकाशित वाक्य 1:30 दमिश्‍क के विषय में नबूवत : देखो दमिश्‍क नगर, अब नगर नहीं रह जाएगा, वह खण्‍डहरों का ढेर बन जाएगा।  सीरिया के नगर सदा के लिए उजड़ जाएंगे; ...

क्या यीशु मसीह ईश्वर है?? क्या उसने ईसाईयों की पाप क्षमा के लिए मरा?

Image
#बढ़िया_सवाल●●       या'नी उन बे'ईमानों के वास्ते जिनकी अक़्लों को इस जहाँन के ख़ुदा ने अँधा कर दिया है ताकि मसीह जो ख़ुदा की सूरत है उसके जलाल की ख़ुशख़बरी की रौशनी उन पर न पड़े। क्यूँकि हम अपनी नहीं बल्कि मसीह ईसा' का ऐलान करते हैं कि वो ख़ुदावन्द है और अपने हक़ में ये कहते हैं कि ईसा' की ख़ातिर तुम्हारे ग़ुलाम हैं। इसलिए कि ख़ुदा ही है जिसने फ़रमाया कि "तारीकी में से नूर चमके" और वही हमारे दिलों पर चमका ताकि ख़ुदा के जलाल की पहचान का नूर ईसा' मसीह के चहरे से जलवागर हो। लेकिन हमारे पास ये ख़ज़ाना मिट्टी के बर्तनों में रख्खा है ताकि ये हद से ज़्यादा क़ुदरत हमारी तरफ़ से नहीं बल्कि ख़ुदा की तरफ़ से मा'लूम हो। 2 कुरिन्थियों 4:4-7 दुनिया में तमाम ऐसे लोग हुए जो अपने आप को ईश्वर बताते थे. लेकिन जो खुद को ईश्वर होने के दावे करते हैं और अपने दावे पर खरे नहीं उतरते और ईश्वरीय कार्य और स्वभाव प्रकट नहीं कर सकते वे सभी धोखेबाज हैं...      ईसा पृथ्वी पर केवल परमेश्वर की अभिव्यक्ति ही नहीं बल्कि वह देहधारी महान आत्मा हैं जो मनुष्य के बीच रहकर ईश्वरीय स्वभाव और कार्य...